UP : हाईकोर्ट की टिप्पणी- अंतर्निहित शक्तियों से नहीं चल सकता मिनी ट्रायल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्य जारी रखने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोपी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अवर अभियंता(जेई) अजीत कुमार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक से इन्कार कर दिया। कहा, घटना के दिन छुट्टी पर होने का दावा ट्रायल का विषय है। अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग कर हाईकोर्ट मिनी ट्रायल नहीं चला सकता। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने अजीत कुमार की ओर से भ्रष्टाचार निवारण की मेरठ स्थित विशेष अदालत की ओर से जारी समन आदेश व पूरी आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने याचिका खारिज करते हुए की।मामला गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि सुराना निवासी सुरेंद्र कुमार यादव के 100 गज के प्लॉट पर हो रहे निर्माण को 28 मई 2025 को जेई अजीत कुमार और सुपरवाइजर राजकुमार ने बिना नक्शा पास होने का हवाला देकर रुकवा दिया था। काम दोबारा शुरू करने के एवज में दोनों ने पांच लाख रुपये की मांग की थी। सुरेंद्र की शिकायत पर मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और दो जून को सुपरवाइजर राजकुमार ने नोटों की गड्डी समेत रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, दूर खड़े जेई अजीत कुमार टीम को देखते ही चकमा देकर फरार हो गए थे। जीडीए के वीसी ने तत्काल कार्रवाई कर जेई अजीत कुमार को निलंबित कर दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने 10 दिसंबर को आरोप पत्र दाखिल किया। इस पर संज्ञान लेते हुए मेरठ की विशेष अदालत ने अजीत कुमार के खिलाफ समन जारी किया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे याची ने घटना के दिन मां की बीमारी के कारण छुट्टी पर होने की दलील दी। कोर्ट ने इसे उनका निजी बचाव बताते हुए दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 06, 2026, 18:25 IST
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