हिमाचल हाईकोर्ट का आदेश: आयुष्मान-हिमकेयर के लंबित 36 करोड़ के बिल तीन हफ्ते में चुकाए सरकार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और हिमकेयर योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के बकाये के भुगतान को लेकर राज्य सरकार को झटका दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि विजिलेंस जांच के नाम पर अस्पतालों के स्वीकृत बिलों का भुगतान अनिश्चितकाल के लिए नहीं रोका जा सकता। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने निजी अस्पतालों की याचिकाओं का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को 3 सप्ताह के भीतर आयुष्मान भारत और हिमकेयर दोनों योजनाओं के तहत निजी अस्पतालों के सभी स्वीकृत लंबित बिलों का भुगतान करे। यदि विजिलेंस जांच पूरी होने पर किसी अस्पताल से फर्जीवाड़े या गलत दावे के तहत वसूली बनती है, तो राज्य सरकार कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई और रिकवरी करने के लिए स्वतंत्र होगी। अदालत ने कहा कि फर्जी बिलों की जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो की अप्रैल 2026 से जारी जांच के नाम पर अस्पतालों का स्वीकृत भुगतान नहीं रोका जा सकता, क्योंकि अस्पतालों ने मरीजों के इलाज पर धनराशि खर्च की है। 6 जुलाई तक निजी अस्पतालों के हिमकेयर के तहत 11.03 करोड़ और आयुष्मान भारत के तहत 25.22 करोड़ (कुल 36.25 करोड़ से अधिक) के स्वीकृत बिल लंबित हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 21, 2026, 21:15 IST
हिमाचल हाईकोर्ट का आदेश: आयुष्मान-हिमकेयर के लंबित 36 करोड़ के बिल तीन हफ्ते में चुकाए सरकार #CityStates #HimachalPradesh #Shimla #HimachalHighCourtOrder #SubahSamachar
