यूपी: नया अध्याय, 2401 दिन बाद बदला राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप; 2020 में गठित ट्रस्ट में पहली बार बड़ा फेरबदल
सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद भव्य मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ और केंद्र सरकार के निर्देश पर पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया। करीब 2401 दिन यानी छह साल 209 दिन बाद ट्रस्ट का स्वरूप एक बार फिर बड़े बदलाव से गुजरा है। मंदिर निर्माण से लेकर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और निर्माण पूरा होने तक जिस टीम ने ट्रस्ट की कमान संभाली, अब उसमें व्यापक फेरबदल हो गया है। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद उठे सवालों ने ट्रस्ट को नेतृत्व और व्यवस्थागत स्तर पर बदलाव के लिए मजबूर किया। ट्रस्ट के गठन के समय विहिप के पदाधिकारी चंपत राय को महासचिव और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं गोविंद देव गिरि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी देते हुए 15 सदस्यीय ट्रस्ट का स्वरूप सामने आया। ट्रस्ट के गठन के बाद सबसे पहले करीब 30 वर्षों तक टेंट में विराजमान रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हुए। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद राम मंदिर परिसर में 18 अन्य मंदिरों के निर्माण का काम भी आगे बढ़ा। 25 नवंबर 2025 को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की पूर्णता घोषित की गई।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 05, 2026, 04:27 IST
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