31 साल बाद मिटा दाग: 500 और हिस्ट्रीशीटरों को मिली राहत, एक साल बेदाग रहने पर रिकॉर्ड भी होंगे खत्म

एक मुकदमे में नाम आया और अदालत ने उसे बरी कर दिया। कुछ ही समय बाद फिर पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोल दी जिसका कलंक हटने में 31 साल लग गए। इगलास क्षेत्र के एक किसान की यह कहानी अब जिले में पुलिस रिकॉर्ड की बड़ी सफाई की वजह बन गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज जादौन ने न सिर्फ किसान की हिस्ट्रीशीट बंद कराई, बल्कि 70 वर्ष से अधिक आयु के हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी भी तत्काल प्रभाव से रोकने का फैसला लिया है। साथ ही 60 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 500 हिस्ट्रीशीटरों को भी राहत दी गई है। यदि अगले एक वर्ष तक इन पर कोई शिकायत नहीं मिलती या कोई अपराध दर्ज नहीं होता तो उनकी हिस्ट्रीशीट भी बंद कर दी जाएंगी। मामला इगलास थाना क्षेत्र के गांव गुरसैना निवासी धर्मवीर सिंह का है। जुलाई 1994 में मथुरा के रिफाइनरी थाना क्षेत्र में हुई टैंकर लूट के एक मामले में उनका नाम सामने आया। हालांकि महज 15 दिन बाद हुई शिनाख्त परेड में पहचान न होने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। इसके बावजूद इगलास पुलिस ने 15 जुलाई 1995 को उसी मुकदमे को आधार बनाकर धर्मवीर सिंह की हिस्ट्रीशीट खोल दी। करीब तीन दशक तक यह दाग उनके नाम से जुड़ा रहा। हाल ही में एसएसपी द्वारा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की समीक्षा कर हिस्ट्रीशीट बंद कराने और रिकॉर्ड नष्ट करने की जानकारी मिलने पर धर्मवीर के परिजन उनसे मिले। बेटे गौरव ने एचएस नंबर 59-ए का हवाला देते हुए पूरे प्रकरण की शिकायत की। जब पुलिस ने फिर से जांच की तो पाया कि वर्तमान में धर्मवीर सिंह की आयु 59 वर्ष है और उनके खिलाफ कोई अन्य अपराध दर्ज नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर उनकी हिस्ट्रीशीट तत्काल बंद करने का आदेश जारी हुआ।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 06, 2026, 18:27 IST
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