वायुसेना प्रमुख एपी सिंह का थिएटराइजेशन बड़ा बयान: कहा- भारत की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से बनें सैन्य ढांचे
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि थिएटराइजेशन की प्रक्रिया का उद्देश्य लड़ाकू विमानों को भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर स्थायी रूप से बांटना नहीं है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भारतीय वायुसेना तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन और एकीकरण की प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एपी सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्ध अपने स्वरूप में ही कई क्षेत्रों में एक साथ लड़े जाएंगे। ऐसे में थल सेना, नौसेना और वायुसेना पहले के मुकाबले कहीं अधिक करीबी तालमेल के साथ काम करेंगी। 'एकीकृत ढांचे में वायु शक्ति का बेहतर इस्तेमाल जरूरी' थिएटराइजेशन पर चर्चा करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि असली सवाल यह है कि एकीकृत सैन्य ढांचे के भीतर वायु शक्ति का अधिकतम प्रभावी इस्तेमाल कैसे किया जाए।उन्होंने कहा कि इसके लिए मार्गदर्शक सिद्धांत यह होना चाहिए कि जहां जरूरी हो, वहां नियंत्रण केंद्रीय स्तर पर रखा जाए और जहां उपयुक्त हो, वहां कार्रवाई करने की जिम्मेदारी विकेंद्रीकृत हो। 'भविष्य के युद्धक्षेत्र को लेकर निश्चित अनुमान लगाने से बचना होगा' अमर प्रीत सिंह ने कहा कि भविष्य के सैन्य ढांचे तैयार करते समय इस धारणा से बचना चाहिए कि आने वाले युद्धक्षेत्र का स्वरूप पूरी निश्चितता के साथ पहले से समझा जा सकता है।उन्होंने जोर दिया कि भारत के सैन्य ढांचे का मूल्यांकन देश की सुरक्षा जरूरतों के आधार पर होना चाहिए, न कि दूसरे देशों के मॉडल की नकल करके।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 25, 2026, 07:50 IST
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह का थिएटराइजेशन बड़ा बयान: कहा- भारत की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से बनें सैन्य ढांचे #IndiaNews #National #IndianAirForce #AmarPreetSingh #Theatreisation #MilitaryIntegration #Jointness #IndianArmy #IndianNavy #AirPower #FutureWarfare #DefencePolicy #SubahSamachar
