ज्ञान और विकास की दिशा में: बच्चों के लिए 5 ज़रूरी किताबें
एक बच्चे की नज़र में, हर सवाल एक नया द्वार खोलता है और हर सपना संभावनाओं से जगमगाता है। ये नन्हे दिमाग सतत विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरक शक्ति हैं, फिर भी उनमें से अधिकांश को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित पहुँच प्राप्त है। सीखना बच्चे की असीम जिज्ञासा और एक उज्ज्वल भविष्य के बीच का सेतु है। हमें केवल उत्तर देने से कहीं अधिक करना होगा; आइए हम नन्हे दिमागों को प्रश्न गढ़ने में मदद करने के लिए प्रेरित करें। जब हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं, तो हम उस अनमोल 'संभावना के बीज' की रक्षा करते हैं और बच्चों को आश्चर्य को ज्ञान में, आशा को कर्म में बदलने के लिए सशक्त बनाते हैं। आज,हम पराग ऑनर लिस्ट 2025 में चुनी गई 5 ऐसी किताबों के बारे में बता रहे हैं, जो बच्चों को सोचने, समझने और कुछ नया करने के लिए प्रेरित करती हैं। 1. आदा पादा लेखक: सुशील शुक्ल। चित्रकार: अतनु राय । प्रकाशक: एकलव्य पिटारा बच्चे अपनी हंसी-मजाक से भी कमाल की चीजें सीख लेते हैं! 'आदा पादा' (जिसका मतलब है "एक छोटी सी पाद") इस बात का सबूत है कि बच्चे वह बात समझते हैं जिसे अक्सर बड़े भूल जाते हैं – कि जिन चीजों पर हमें हंसी आती है, अक्सर उन्हीं के बारे में बात करने से हमें रोका जाता है। यह प्यारी सी कहानी एक ऐसी बात को, जिसे लोग शर्मिंदगी भरा मानते हैं, मजेदार और लयबद्ध शब्दों के खेल में बदल देती है। बच्चे अक्सर उन्हीं शरारती कविताओं और अजीब आवाजों के जरिए भाषा सीखते हैं, जिन्हें वे फुसफुसाते हुए और ठहाके लगाकर एक-दूसरे को सुनाते हैं। 'आदा पादा' इसी बचपने और हंसी का जश्न मनाती है। यह दिखाती है कि सीखने की शुरुआत तब होती है जब बच्चे पूरी तरह आज़ाद महसूस करते हैं—चुलबुले, जिज्ञासु और बिल्कुल मासूम। इस किताब को 'पराग चिल्ड्रन्स चॉइस अवार्ड 2025' से भी नवाजा गया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 04, 2026, 11:48 IST
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