Shivaji Maharaj Statue Israel: इस्राइल में लगेगी छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा, जानिए क्या बोले इस्राइली राजनयिक

भारत और इस्राइल के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है। इस्राइल में जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा और स्मारक स्थापित किए जाएंगे, जिसे दोनों देशों की दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है। इस्राइल के कॉन्सुल (राजनयिक)जनरल यानिव रेवाच ने बताया कि यह पहल भारत-इस्राइल संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इसके अलावा, उन्होंने लेबनान से होने वाले हमलों के खिलाफ इस्राइल की सुरक्षा कार्रवाई का बचाव किया। दोस्ती और प्रेरणा का प्रतीक होगी प्रतिमा यानिव रेवाच के कहा कि यह परियोजना केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक गुडविल प्रोजेक्ट है, जो दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भारत और इस्राइल के बीच दोस्ती और प्रेरणा का स्थायी प्रतीक बनेगी।पिछले फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल के दौरे के बाद, हमने तय किया कि हम यहां भारत में एक बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे।इस विचार ने असल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दफ्तर को भी सूचित किया। वह तुरंत मुझसे मिलने के लिए मान गए। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने मुझसे कहा कि वह हमारे खूबसूरत प्रोजेक्ट का समर्थन करने और हमारी हर तरह से मदद करने को तैयार हैं जिसकी हमें जरूरत होगी। ऐतिहासिक जुड़ाव से मिली प्रेरणा इस्राइली राजनयिक ने बताया कि भारत का इतिहास उन्हें बेहद प्रेरणादायक लगा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की कहानियों में कई समानताएं हैं। इसी सोच के तहत इस सांस्कृतिक परियोजना की शुरुआत की गई है, जिसमें शिवाजी महाराज की मूर्ति इस्राइल में स्थापित की जाएगी।इसके अलावा, हम यह भी सोच रहे हैं कि क्या हम शिवाजी की किताब का हिब्रू में ट्रांसलेशन कर सकते हैं, इसका ट्रांसलेशन करें ताकि लोग उनकी स्क्रिप्ट के बारे में जान सकें। कला और शिक्षा पर भी जोर इस्राइल प्रशासन इस परियोजना को केवल प्रतिमा तक सीमित नहीं रखना चाहता। योजना के तहत एक श्रेष्ठ कलाकार द्वारा मूर्ति तैयार की जाएगी और इसे इस्राइल के किसी प्रमुख स्थान पर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, शिवाजी महाराज के जीवन और विचारों को समझाने के लिए उनकी पुस्तक का हिब्रू भाषा में अनुवाद करने की भी संभावना पर विचार किया जा रहा है। भारत-इस्राइल रिश्तों में बढ़ती मजबूती पिछले कुछ वर्षों में भारत और इस्राइल के बीच रक्षा, तकनीक, साइबर सुरक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। अब यह साझेदारी सांस्कृतिक स्तर पर भी मजबूत होती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को और मजबूत करेंगे। लेबनान पर भी रखी अपनी बात इस्राइली राजनयिक ने कहा कि लेबनान के साथ उसका कोई सीधा विवाद नहीं है और वह वहां की सरकार और जनता के साथ शांति चाहता है। इस्राइल का कहना है कि समस्या लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित संगठनों से जुड़ी है, जिनमें हिजबुल्ला, इराक की शिया मिलिशिया, यमन के हूती और गाजा पट्टी का हमास शामिल हैं। इस्राइल का दावा है कि ये संगठन लंबे समय से उसके सीमावर्ती क्षेत्रों पर हमले करते रहे हैं, जिससे तनाव की स्थिति बनी रहती है। इस्राइल के अनुसार, जब तक इन समूहों को समर्थन मिलता रहेगा, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना कठिन होगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 07, 2026, 02:19 IST
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