जन्माष्टमी 2026: कान्हा के जन्म लेते ही छाई काली घटा, इंद्रदेव ने की आगवानी; जन्मभूमि की अलौकिक तस्वीरें

इस भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि नजारा बिल्कुल द्वापर सरीखा ही था। दिन में खूब बदरा बरसे और रात को भी काली घटाएं छाईं थीं। हर पल जोर जोर से बरसने को आतुर। आसमान में बिजली भी खूब चमकी। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने शुक्रवार को रात के 12 बजाए, संपूर्ण ब्रजमंडल नंद घर आनंद भए, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। अलौकिक आभा, अपार जनसैलाब, ढोल-नगाड़ों की थाप और घंटे-घड़ियालों की गूंज के बीच भगवान श्रीकृष्ण का घर-घर और मंदिरों में जन्म हुआ। लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बने। मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर हुआ। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भक्तों का उल्लास देखते ही बन रहा था। घड़ी में जैसे ही 11 बजे तत्काल नवगृह स्थापना के साथ पूजन शुरू हो गया। 11.55 बजे तक कमल पुष्प एवं तुलसीदल से सहस्त्रार्चन हुआ। 11.59 बजते ही भागवत भवन स्थित युगल सरकार के पट बंद हो गए। इस एक मिनट के पल में श्रद्धालुओं को लगा मानो घंटों बीत रहे हों। ठीक 12 बजे लीलाधर के चलित श्रीविग्रह को भागवत भवन लाया गया। यहां रजत कमल पुष्प में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 05, 2026, 05:21 IST
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