हाईटेक निगरानी का असर: कोलकाता, जयपुर, बंगलूरू से ज्यादा मजबूत काशी का सुरक्षा कवच, ट्रैफिक प्रबंधन भी बेहतर

काशी ने सुरक्षा के क्षेत्र में भी देश के बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है। प्रति वर्ग मील 92 कैमरों की उपलब्धता के साथ वाराणसी का निगरानी तंत्र जयपुर, बंगलूरू, पटना और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों से ज्यादा सघन है। शहर के 720 प्रमुख लोकेशन पर लगाए गए कैमरों ने अपराध नियंत्रण के साथ ही ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत किया। पिछले तीन वर्षों में हत्या के मामले में 15%, वहीं चोरी, छेड़खानी समेत अन्य आपराधिक घटनाओं में 30% कमी आई है। 75% मामलों के खुलासे में सीसीटीवी कैमरे पुलिस के सबसे मजबूत साक्ष्य साबित हुए हैं। एनसीआरबी, एसबीआई रिसर्च और स्टेटस ऑफ पुलिसिंग इन इंडिया 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता, बंगलूरू, कानपुर, पुणे, जयपुर, सूरत, अहमदाबाद, पटना समेत अन्य शहरों की अपेक्षा प्रति वर्ग मील बनारस में कैमरों की संख्या 92 है। जबकि इन शहरों में कहीं 60, 56, 18 इससे भी कम की संख्या है। स्मार्ट सिटी के तहत बनारस में 2200 कैमरे लगे हैं। 800 कैमरे ट्रैफिक विभाग ने लगवाए हैं। एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर शिवहरी मीणा ने बताया कि शहर में होने वाली लगभग 75% आपराधिक घटनाओं के खुलासे में कैमरों की फुटेज अहम कड़ी साबित हुई है। कैमरों की मदद से जाम की स्थिति का रियल टाइम विश्लेषण होता है। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस तुरंत वैकल्पिक रूट लागू करती है। रेड लाइट उल्लंघन, गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग पर भी कैमरों के जरिये कार्रवाई की जा रही है। शहरी क्षेत्र में 4500 से ज्यादा कैमरे लगे हैं, जो सिटी कमांड कंट्रोल रूम से जुड़े हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 08, 2026, 11:25 IST
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