एमएलसी चुनाव: 'ये नतीजे सरकार के कामकाज को नहीं दर्शाते', मंत्री प्रियांक बोले- 2028 में पार्टी करेंगे वापसी
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बुधवार को कहा कि विधान परिषद की चार सीटों में से किसी पर भी जीत न मिलने के बाद कांग्रेस आत्ममंथन करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन नतीजों से राज्य सरकार के कामकाज का पता नहीं चलता। प्रियांक खरगे ने क्या कहा जेडी(एस) ने सत्ताधारी कांग्रेस से बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र छीन लिया। वहीं, विपक्षी भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों पर अपना कब्जा बरकरार रखा। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'लोकतंत्र में हमें जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए और उनके जनादेश को स्वीकार करना चाहिए। हर चुनाव एक चेतावनी की तरह होता है। हम किसी भी चुनाव के नतीजों को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं कर सकते। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि ये नतीजे सरकार के कामकाज को दिखाती हैं।' प्रियंक ने कहा कि कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करने और शिक्षकों तथा स्नातकों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, जेडी(एस) के उम्मीदवार ए पी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर भाजपा के शशील जी नमोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा उम्मीदवार के एम सुरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार शशि हुलिकुंटे मुट्ट को 23,098 वोटों से हराया। वहीं, पश्चिम स्नातक सीट पर भाजपा के मौजूदा एमएलसी एस वी संकानूर ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिम्बिकाई को 9,323 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। प्रियंक ने कहा कि इन चुनावों में एक सीमित पेशेवर मतदाता वर्ग शामिल होता है, और उम्मीदवारों के अक्सर शिक्षक समुदाय के साथ गहरे संबंध होते हैं। उन्होंने इन नतीजों को राजनीतिक रूप से महत्वहीन मानकर खारिज करने के प्रति आगाह किया और कहा कि बंगलूरू में मुकाबला काफी कड़ा था।पुट्टन्ना की हार को चौंकाने वाला बताते हुए, मंत्री ने कहा कि पार्टी आत्ममंथन करेगी, अपनी कमियों की पहचान करेगी और सुधार के लिए कदम उठाएगी। बी वाई विजयेंद्र ने क्या कहा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र के इस दावे पर कि एमएलसी चुनाव के नतीजे 2028 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सरकार की हार का संकेत हैं, प्रियंक ने कहा कि उनकी पार्टी को फिर से सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, 'हमें 2028 में फिर से सत्ता में लौटने का भरोसा है। हम डी के शिवकुमार, सिद्धारमैया, जी परमेश्वर और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे हैं।' प्रियांक ने इस पर क्या कहा प्रियांक ने कहा कि उनकी पार्टी को फिर से सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि अगर उन्हें अपनी स्थिति पर इतना ही भरोसा है, तो वे चुनाव करवा लें। उन्होंने भाजपा पर 'भावनात्मक राजनीति' करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस का ध्यान आजीविका, रोजगार और आर्थिक प्रगति पर है। ईवीएम पर क्या बोले जब उनसे पूछा गया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को लेकर कांग्रेस की चिंताओं के बावजूद एमएलसी चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल क्यों किया गया, तो प्रियांक ने कहा कि ऐसे चुनावों में, जो पारंपरिक रूप से बैलेट पेपर से ही होते हैं, मतदाताओं की संख्या सीमित होती है और इनकी तुलना आम चुनावों से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग को अपनी व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया सही ढंग से हो, और बैलेट पेपर से वोटिंग तथा मतदाता सूची, दोनों को पारदर्शी बनाना चाहिए। एक बार ऐसा हो जाए, तो चुनाव के नतीजे खुद-ब-खुद सब कुछ बता देंगे।' प्रियांक ने आरोप लगाया कि चित्तापुर के एक ही पोलिंग बूथ से जमा किए गए 40 'फॉर्म-7' आवेदन फर्जी थे, और बताया कि चुनाव अधिकारियों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 28, 2026, 13:49 IST
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