मुजफ्फरपुर पीएनजी हादसा: 11 लोगों पर लापरवाही का आरोप, अधिवक्ता ने अदालत में दायर किया परिवाद

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड पर बीते दिनों हुए पीएनजी गैस पाइपलाइन हादसे का मामला अब न्यायालय पहुंच गया है। गुरुवार को इस मामले में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने घटना के लिए जिम्मेदार आईओसीएल के अधिकारियों, आरसीडी के अधिकारियों और नाला निर्माण कर रही एजेंसी के ठेकेदार समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 20 नवंबर 2026 निर्धारित की है। गौरतलब है कि बीते दिनों सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड के पास नाला निर्माण के दौरान जेसीबी से पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में एक कोचिंग संचालक की दर्दनाक मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इतना ही नहीं, इस घटना में दर्जनों मकानों को भी नुकसान पहुंचा था। मामले में आईओसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य प्रमुख, पीएनजी प्रोजेक्ट हेड और तकनीकी एवं सुरक्षा अधिकारियों के अलावा पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं, नाला निर्माण एजेंसी के प्रोपराइटर और जेसीबी चालक को आरोपी बनाया गया है। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता सह परिवादी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पीएनजी गैस पाइपलाइन विस्फोट के मामले में गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में परिवाद दायर किया गया है। इसमें घटना के लिए जिम्मेदार इंडियन ऑयल के अधिकारियों, आरसीडी के अधिकारियों और नाला निर्माण कर रही कंपनी नर्सिंग कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार समेत अन्य लोगों को जिम्मेदार माना गया है। परिवाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1), 125, 287 और 288 के तहत दायर किया गया है। ये भी पढ़ें-बिहार में शपथ ग्रहण की तैयारी!: एक डिप्टी सीएम रिटायर होंगे, निशांत कुमार को पद दिए जाने की चर्चा परिवाद में मृतक के आश्रितों और घायलों को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा एवं पुनर्वास दिलाने की भी मांग की गई है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरने वाली भूमिगत पीएनजी पाइपलाइनों का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट कराने और निर्माण कार्य के दौरान अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रिया लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा, पाइपलाइन की सुरक्षा और नाला निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस जांच की स्थिति रिपोर्ट तलब करने की मांग भी की गई है। अधिवक्ता का आरोप है कि करीब 45 मिनट तक गैस रिसाव होता रहा, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की ओर से समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इसके बाद गैस में आग लगने से भीषण विस्फोट हुआ। पीएनजी गैस पाइपलाइन मामला कोर्ट में पहुंचा पीएनजी गैस पाइपलाइन मामला कोर्ट में पहुंचा

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 05, 2026, 18:02 IST
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