बारिश-ओलावृष्टि : भीगा गेहूं, टूटे किसान
बरेली। जिले में बुधवार दोपहर हुई बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है। कटाई के मुहाने पर खड़ी सुनहरी फसल अब खेतों में बिछ गई। कहीं कटी हुई फसल भीग गई। इससे किसानों को इस बार उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। किसानों के अनुसार, ऐसी ही बारिश जारी रही तो फसल में फफूंद लग सकती है। ऐसे में गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचना मुश्किल हो जाएगा। खुले बाजार में भी कम दाम मिलने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई है।फतेहगंज पूर्वी में रातभर छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली करने के बाद बारिश ने किसानों की उम्मीदें थाम दीं। किसानों ने पालतू पशुओं के भूसे के लिए फसल कटवाई। किसान देशराज ने बताया कि पहले की बारिश से गेहूं पतला पड़ गया है। अब फसल काटने की तैयारी हुई तो बारिश होने से फसल भीग गई। अब न तो फसल कंबाइन मशीन से कट पा रही है, न ही कटी हुई फसल गीली होने के कारण थ्रेसर से निकल रही है।मीरगंज तहसील क्षेत्र में भी गेहूं की फसल भीगने से काली पड़ती नजर आई। जिन किसानों ने फसल कटवाकर खेत में ही छोड़ दी, वह बारिश से चौपट हो गई। इससे गेहूं की कीमत कम मिलने और उत्पादन भी कम होने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई है। आंवला तहसील क्षेत्र में गांव नगरिया निवासी अंकुर सिंह ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। लेकिन, सब्जियों और मेंथा के लिए बारिश लाभदायक है। रामनगर, बिशारतगंज और अलीगंज में भी गेहूं और आम के उत्पादन को नुकसान हुआ है। हाफिजगंज, भड़सर, बहेड़ी, शीशगढ़ में भी बारिश से गेहूं की फसल बिछ गई। हालांकि किसानों ने गन्ने की फसल के लिए बारिश को लाभदायक बताया है। नवाबगंज तहसील क्षेत्र में भी किसान चिंतित हैं।00000000000000
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 09, 2026, 03:10 IST
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