रिन्यूएबल एनर्जी: अगले चार साल में 18 लाख करोड़ रुपये का होगा निवेश, सोलर सेक्टर सबसे आगे

भारत तेजी से हरित ऊर्जा की ओर कदम बढ़ा रहा है। देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अगले चार साल के दौरान बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना जताई गई है। वर्ष 2027 से 2030 के बीच होने वाले इस संभावित निवेश को ध्यान में रखते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय एक ठोस रोडमैप तैयार कर रहा है। इस बात की जानकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने आगामी 2 से 5 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट' के संबंध में चर्चा के दौरान दी। इस निवेश के दायरे में सोलर, विंड एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और बिजली ट्रांसमिशन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। किस क्षेत्र में कितना निवेश संभावित मंत्रालय द्वारा जारी अनुमानों के अनुसार, अगले चार वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में मिलने वाले निवेश का खाका कुछ इस प्रकार है: ऊर्जा क्षेत्र / सेगमेंट संभावित निवेश (अरब डॉलर में) सोलर एनर्जी 70–75 बिजली ट्रांसमिशन 40–45 विंड एनर्जी 25–30 ग्रीन हाइड्रोजन 20–25 ऊर्जा भंडारण 15–20 उपकरण मैन्युफैक्चरिंग 15–20 हाइड्रो पावर 12–15 बायो-एनर्जी 3–5 इस व्यापक निवेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ-साथ घरेलू निजी और सरकारी क्षेत्र का संयुक्त योगदान शामिल होगा। बीते दो साल में आया 63.7 अरब डॉलर का निवेश भविष्य की बड़ी योजनाओं से पहले, देश ने हालिया वर्षों में भी इस सेक्टर में मजबूत रफ्तार पकड़ी है। वर्ष 2024 से 2026 के दौरान देश के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में कुल 63.7 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया था, जिसमें निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों ने मिलकर अहम भूमिका निभाई थी। आगामी चार वर्षों के लिए प्रस्तावित 220 अरब डॉलर का आंकड़ा इस क्षेत्र की असीम संभावनाओं और पूंजी की बढ़ती मांग को दर्शाता है। भारत मंडपम में सजेगा 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट' ऊर्जा क्षेत्र के इस सबसे बड़े आयोजनों में से एक भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का आयोजन 2 से 5 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने जा रहा है। इस भव्य सम्मेलन के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित होंगे: 130 से अधिक देश और 400 एग्जीविटर्स हिस्सा लेंगे। 500 से ज्यादा विशेषज्ञ वक्ता भविष्य की ऊर्जा नीतियों पर मंथन करेंगे। 75,000 से अधिक विजिटर्स और 90 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 29, 2026, 12:49 IST
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