Kangra News: जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति में देरी से चयनित अभ्यर्थी परेशान

14 अगस्त को घोषित हुआ था पोस्ट कोड 25004 का अंतिम परिणामअभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री से की जल्द नियुक्ति आदेश जारी करने की मांगअमर उजाला ब्यूरोधर्मशाला। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर चयनित जेबीटी शिक्षक नियुक्ति के इंतजार में घर बैठे हैं। पोस्ट कोड 25004 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को अंतिम परिणाम घोषित होने के ढाई महीने बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। 14 अगस्त को भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित हुआ था, जिसके बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 12 से 23 अक्तूबर तक जिला स्तर पर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन करवाया। हालांकि, प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुए हैं।चयनित अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि दस्तावेजों के सत्यापन के तुरंत बाद उन्हें स्कूलों में तैनाती मिल जाएगी। कई युवाओं ने दिवाली से पहले नौकरी शुरू करने और पहली तनख्वाह से परिवार के लिए त्योहार की खुशियां जुटाने का सपना देखा था, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में देरी से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। 31 अक्तूबर तक विभाग की ओर से नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक शेड्यूल सामने नहीं आया है।अभ्यर्थियों राहुल, जगदीश, अनुज, विशाल आदि ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले ही दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की जा चुकी थी। इसके बावजूद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने दोबारा दस्तावेज सत्यापन करवाया। 23 अक्तूबर को यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नियुक्ति आदेश जारी करने में देरी समझ से परे है। उनका सवाल है कि जब चयनित अभ्यर्थियों की पात्रता का सत्यापन भी हो चुका है तो उन्हें स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया क्यों अटकी हुई है।अभ्यर्थियों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ कई सरकारी प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। कुछ स्कूलों में प्रतिनियुक्ति के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था संभाली जा रही है। ऐसे में चयनित जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति में देरी का असर स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। शीतकालीन स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं का समय नजदीक है। ऐसे में जल्द नियुक्तियां होने से स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे और विद्यार्थियों की पढ़ाई को भी सहारा मिलेगा।चयनित अभ्यर्थियों के अनुसार नियुक्ति में देरी से उनकी ज्वाइनिंग की तारीख आगे खिसक रही है। इससे सेवाकाल की गणना, प्रोबेशन अवधि और भविष्य में वरिष्ठता से जुड़े लाभ प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, नियुक्ति न मिलने से वेतन शुरू नहीं हो पाया है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि दस्तावेज सत्यापन के बाद लंबित औपचारिकताएं जल्द पूरी कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं, ताकि चयनित युवाओं को रोजगार मिल सके और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर हो।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 31, 2026, 17:10 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Kangra News: जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति में देरी से चयनित अभ्यर्थी परेशान #SelectedCandidatesDistressedByDelayInAppointmentOfJBTTeachers #SubahSamachar