भोपाल में दिवाली पर सख्ती: पटाखा दुकानों का पास रहेंगी फायर टीमें, बिजली लाइन के पास दुकान तो होगी कार्रवाई

दिवाली पर पटाखों की खरीदारी और आतिशबाजी के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पटाखा बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्निशमन वाहन व प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात रहेंगे। बिजली के तारों और ट्रांसफॉर्मर के आसपास पटाखा दुकान लगाने पर कार्रवाई की जाएगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग और ऊर्जा विभाग ने त्योहार के दौरान आग और बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को पटाखा बिक्री स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। बाजारों में बिजली के खुले तारों और ओवरलोडिंग की जांच भी होगी। प्रशासनिक टीमें दुकानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगी। बिजली लाइन के नीचे दुकान लगाई तो होगी कार्रवाई ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पटाखा कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिजली की लाइन या ट्रांसफॉर्मर के नीचे और उनसे सटाकर दुकानें नहीं लगाई जाएं। दुकानों में रोशनी के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली इस्तेमाल करने और सीधे तार डालकर बिजली लेने पर कार्रवाई हो सकती है। आतिशबाजी के दौरान भी बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफॉर्मर से दूरी बनाए रखना जरूरी है। पटाखों की चिंगारी से बिजली के उपकरणों में आग लगने या अन्य हादसे का खतरा रहता है। बाजारों में पांच व्यवस्थाओं पर रहेगा जोर पटाखा बिक्री स्थलों पर अग्निशामक यंत्र, पानी और रेत की व्यवस्था रखनी होगी। दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी और आने-जाने के रास्ते खुले रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में दमकल वाहन और बचाव दल आसानी से पहुंच सकें। बिजली कनेक्शन की जांच के साथ स्वीकृत लोड से अधिक खपत पर भी नजर रखी जाएगी। यह भी पढ़ें-एमपी: महंगाई भत्ता अटका, एरियर बाकी और पदोन्नति का इंतजार,4 नवंबर को भोपाल में अधिकारी-कर्मचारियों का प्रदर्शन हलालपुरा की आग ने बढ़ाई थी चिंता भोपाल के हलालपुरा क्षेत्र में पटाखा दुकान और गोदाम में आग लगने के दौरान लगातार धमाके हुए थे। आग की लपटें करीब 70 फीट तक उठी थीं। आग बुझाने के लिए आसपास की बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी थी। इसके अलावा अप्रैल 2017 में इंदौर के रानीपुरा में पटाखा दुकान में आग से पांच लोगों की मौत हुई थी। जून 2017 में बालाघाट की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 25 लोगों की जान गई थी। अक्टूबर 2022 में मुरैना के बानमोर में पटाखे रखने और बनाने के दौरान हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हुई और छह घायल हुए थे। इन हादसों को देखते हुए त्योहार के दौरान पटाखा बाजारों में सुरक्षा नियमों का पालन और समय रहते जांच को अहम माना जा रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 28, 2026, 05:33 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »

Read More:
City states Bhopal



भोपाल में दिवाली पर सख्ती: पटाखा दुकानों का पास रहेंगी फायर टीमें, बिजली लाइन के पास दुकान तो होगी कार्रवाई #CityStates #Bhopal #SubahSamachar