रंगमंच कर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी की कहानी: बचपन में जिन्हें मां ने बेचा, उस फकीरे ने तय किया पद्मश्री तक का सफर
यह जानकार आपको थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन सौ फीसदी सच है कि हाल ही में पद्मश्री सम्मान के लिए जिनके नाम की घोषणा की गई है, वे डॉ. अनिल रस्तोगी असल में फकीरे थे। यह नाम उन्हें अवध की बेगम ने दिया था। इस बात की तस्दीक करते हुए अमर उजाला के साथ पॉडकास्ट में खुद डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि उनके परिवार में बच्चों की जल्द मौत हो जाती थी, इसलिए एक टोटके के तहत उनकी मां ने उन्हें बेगम को बेच दिया था। पढ़िए उस बातचीत के प्रमुख अंश।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 14, 2026, 10:50 IST
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