Uttarakhand: स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित प्रमाणपत्र पर हाईकोर्ट सख्त, जानें क्या कहा?

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा है कि बिना सक्षम प्राधिकारी से संपर्क किए सीधे न्यायालय का रुख नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पहले संबंधित अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की अनुमति देते हुए निर्देश दिया कि आवेदन दो सप्ताह के भीतर दिया जाए और उस पर चार माह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार चमोली निवासी शशि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी आलम सिंह की नातिन है और याचिकाकर्ता की ओर से आश्रित प्रमाणपत्र जारी करने का अनुरोध किया था। याचिका में कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत स्वतंत्रता सेनानी की नातिन भी आश्रित के रूप में मिलने वाले लाभों की पात्र है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता ने पहले सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन नहीं किया और सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस पर न्यायालय ने राज्य का पक्ष स्वीकार करते हुए कहा कि पहले वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। इसी आधार पर याचिका को निस्तारित कर दिया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 29, 2026, 02:48 IST
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