रेलवे: राजधानी एक्सप्रेस से कितनी अलग होगी दो नई वंदे भारत स्लीपर, टिकट, रफ्तार और सुविधाओं में जानें अंतर
लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने जा रही हैं। ये ट्रेनें मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चलेंगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, मुंबई-बेंगलुरु ट्रेन का उद्घाटन 31 अक्टूबर और वाराणसी-नई दिल्ली ट्रेन का उद्घाटन 1 नवंबर को होना है। दोनों ट्रेनें रात में सफर कर अगले दिन सुबह मंजिल तक पहुंचने का विकल्प देंगी। इन ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। ऐसे में इनके डिजाइन, रफ्तार, सुरक्षा और किराये की तुलना राजधानी एक्सप्रेस से की जा रही है। ट्रेन के डिजाइन में क्या अंतर वंदे भारत स्लीपर: इस ट्रेन में इंजन अलग से नहीं लगाया जाता। इसकी मोटर और तकनीक ट्रेन के अलग-अलग हिस्सों में लगी होती है। आगे और पीछे ड्राइवर केबिन होने से ट्रेन दोनों दिशाओं में चल सकती है। राजधानी एक्सप्रेस: इसमें आमतौर पर आगे इंजन होता है, जो पीछे लगे एसी कोचों को खींचता है। यह पारंपरिक ट्रेन डिजाइन पर आधारित है। किसकी रफ्तार ज्यादा वंदे भारत स्लीपर:इसे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। ट्रायल के दौरान इसकी गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक पहुंची थी। हालांकि, नियमित सफर में रफ्तार ट्रैक, सिग्नलिंग और रूट की स्थिति पर निर्भर करेगी। राजधानी एक्सप्रेस:इसकी अधिकतम परिचालन गति आमतौर पर करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा है। वास्तविक औसत रफ्तार रूट के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। बर्थ और आराम की सुविधाएं वंदे भारत स्लीपर: ट्रेन में आधुनिक इंटीरियर, बेहतर कुशन वाली बर्थ, रोशनी और सामान रखने की सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है। कोचों के बीच सीलबंद रास्ते बनाए गए हैं। इससे धूल और बाहरी शोर कम करने में मदद मिल सकती है। राजधानी एक्सप्रेस: इसमें एसी फर्स्ट क्लास, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर के विकल्प मिलते हैं। कोचों में सोने की बर्थ और रात के सफर के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सुरक्षा में क्या खास वंदे भारत स्लीपर: इसमें मजबूत बॉडी, टक्कर के असर को कम करने वाले विशेष हिस्से, ऑटोमैटिक दरवाजे और आग से बचाव के लिए बेहतर सामग्री जैसी सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेन में आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट और कोचों की निगरानी के लिए सीसीटीवी सिस्टम भी दिया गया है। इससे यात्रियों की सुरक्षा और सामान की निगरानी में मदद मिलेगी। राजधानी एक्सप्रेस: इसमें एलएचबी कोच, आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े दूसरे इंतजाम होते हैं। कुछ नए या अपग्रेड किए गए संस्करणों में अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, राजधानी एक्सप्रेस के कोचों में सीसीटीवी की सुविधा नहीं है। वंदे भारत स्लीपर में RAC टिकट नहीं मिलेगा वंदे भारत स्लीपर: इस ट्रेन में आरएसी टिकट की सुविधा नहीं होगी। कन्फर्म टिकट रद्द होने पर वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को सीट या बर्थ कन्फर्म होने का मौका मिल सकता है। राजधानी एक्सप्रेस: इसमें लागू कोटे और सीटों की उपलब्धता के अनुसार आरएसी या वेटिंग लिस्ट टिकट मिल सकता है। वंदे भारत स्लीपर का किराया कितना वंदे भारत स्लीपर: इसकी शुरुआती बेस किराया दरें दूरी के हिसाब से तय की गई हैं। एसी 3-टियर का किराया 2.40 रुपये, एसी 2-टियर का 3.10 रुपये और फर्स्ट एसी का 3.80 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर बताया गया है। इन दरों में जीएसटी शामिल नहीं है। राजधानी एक्सप्रेस: इसका किराया रूट, कोच की श्रेणी और लागू बुकिंग नियमों के आधार पर तय होता है। दिल्ली से वाराणसी तक टिकट कितने का होगा वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का अंतिम किराया अभी तय नहीं हुआ है। अनुमान के मुताबिक, एसी 3-टियर का किराया करीब 2,100 रुपये, एसी 2-टियर का 2,600 रुपये और फर्स्ट एसी का 3,200 रुपये हो सकता है। हालांकि, अंतिम किराये में बदलाव संभव है। वहीं, राजधानी एक्सप्रेस में इसी रूट पर एसी 3-टियर का किराया करीब 1,900 रुपये, एसी 2-टियर का 2,600 रुपये और फर्स्ट एसी का 3,200 रुपये बताया गया है। दूसरी एक्सप्रेस ट्रेनों में इस रूट का किराया इससे काफी कम हो सकता है। कुछ ट्रेनों में यात्रियों को वंदे भारत स्लीपर और राजधानी एक्सप्रेस के मुकाबले करीब आधे किराये में सफर करने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक किराया ट्रेन, श्रेणी और दूरी के अनुसार अलग होगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 27, 2026, 17:06 IST
रेलवे: राजधानी एक्सप्रेस से कितनी अलग होगी दो नई वंदे भारत स्लीपर, टिकट, रफ्तार और सुविधाओं में जानें अंतर #IndiaNews #National #VandeBharatSleeper #RajdhaniExpress #SubahSamachar
