विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने निकाली पदयात्रा

विंध्य एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण के विरोध में जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रही किसानों की पदयात्रा दूसरे दिन शुक्रवार को बरठी कमरौर गांव पहुंचकर समाप्त हुई। पदयात्रा के परेवा पहुंचने पर दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में किसानों ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण पर कड़ा विरोध जताते हुए सरकार से उपजाऊ जमीन के बजाए वैकल्पिक मार्ग या सैयदराजा-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग को एक्सप्रेस वे से जोड़ने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी खेती पर निर्भर है। यदि उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की गई तो हजारों किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं किसानों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पदयात्रा में शामिल किसानों ने सरकार से अधिग्रहण प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने व किसानों से संवाद स्थापित करने की मांग की। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि उपजाऊ जमीन ही किसानों के परिवार के पालन- पोषण का आधार है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना और अशोक सिंह ने प्रश्न उठाया कि नरवन की उपजाऊ भूमि ही चली जाएगी तो किसानों के पास बचेगा क्या। किसानों के हितों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। इस दौरान महेश्वर सिंह, रविंद्रनाथ सिंह, जयशंकर सिंह, निखिल सिंह, मृत्युंजय सिंह, जनार्दन सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, आलोक सिंह, दया सिंह, संत विलास सिंह, बबलू मौर्य, आदर्श सिंह, नीरज सिंह, लालमुनि बिंद, बमबम सिंह, राज सिंह, लल्लन गुप्ता आदि रहे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 04, 2026, 17:14 IST
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