कानपुर: नए श्रम कानूनों और निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन
केंद्रीय ट्रेड यूनियन, स्वतंत्र फेडरेशन और संयुक्त किसान संगठनों ने सोमवार को राम आसरे पार्क बड़ा चौराहा पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की नीतियों और नए श्रम संहिता कानूनों का विरोध किया। बाद में 15 सूत्री ज्ञापन राज्यपाल को भेजा। श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि नए कानून 300 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों को बिना अनुमति बंद करने की छूट देंगे। छंटनी की छूट से स्थायी रोजगार खत्म होगा। ठेका प्रथा मजबूत होगी और श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। हड़ताल के लिए 14 दिन का नोटिस अनिवार्य होगा। यूनियन मान्यता के लिए 51 फीसदी सदस्यता संगठनों को कमजोर करेगी। फैक्टरी शिफ्ट में 12 घंटे कार्य और महिलाओं को रात्रि कार्य की अनुमति मिलेगी। ओवरटाइम पर दोगुना वेतन भुगतान से कामगारों के शोषण का खतरा है। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत संशोधन विधेयक 2025 वापस लेने की मांग की। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। इस मौके पर असित कुमार सिंह, उमेश शुक्ला, गौरव दीक्षित, टीके पासवान, राम सिंह, एसएएम जैदी, आरडी गौतम, रामप्रकाश राय, राणा प्रताप सिंह, धर्मदेव, मीनाक्षी सिंह, नीरज यादव, पीएस बाजपेई, आरपी कनौजिया, राजेश सिंह, योगेश ठाकुर, राजीव निगम, मनोज सिंह, छविलाल यादव, मोहम्मद वशी, ओमप्रकाश, अशोक, रमाकांत कौशिक आदि रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 10, 2026, 16:08 IST
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