रुपईडीहा में राम कथा वाचिका बोलीं- बुराई जल्दी सीखते हैं लोग, अच्छाई में लगती है साधना
बहराइच के रुपईडीहा कस्बा स्थित धर्मशाला में आयोजित राम कथा में कथा वाचिका मंजू लता (अयोध्या) ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। कहा कि मनुष्य बुराइयों को बहुत जल्दी अपना लेता है, जबकि अच्छाई को जीवन में उतारने में समय और साधना लगती है। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई “आवत एहि सर अति कठिनाई, राम कृपा बिनु आइ न जाई” का उल्लेख करते हुए बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान रूपी सरोवर तक पहुंचना अत्यंत कठिन है और भगवान श्रीराम की कृपा के बिना यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसारिक मोह, कुसंगति और पापों के कारण व्यक्ति ज्ञान के मार्ग पर आगे नहीं बढ़ पाता। सत्संग और प्रभु भक्ति ही वह साधन हैं, जिनसे मनुष्य विवेक प्राप्त कर सकता है। कथा के दौरान भजन “संतन के संग लाग री तेरी अच्छी बनेगी” और “हरि सुमिरन में लाग री तेरी अच्छी बनेगी” प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। कथा वाचिका ने समझाया कि “बिन सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिन राम न सकेहू राम गुण गाई” के अनुसार बिना सत्संग के विवेक नहीं आता और भगवान की कृपा के बिना उनके गुणों का गान भी संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कुसंग और कुपंथ व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति से दूर कर देते हैं। कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में डॉक्टर उमाशंकर वैश्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर अनिल अग्रवाल, सुशील बंसल, बलराम मिश्रा, नरेंद्र मद्धेशिया, कृष्ण मोहन बंटी, रामचंद्र अग्रवाल नरेश मित्तल गोपाल अग्रवाल रतन अग्रवाल,सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 30, 2026, 14:26 IST
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