रायबरेली: चीनी की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने तहसीलवार टीमें गठित

रायबरेली: चीनी की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए तहसीलवार टीमें गठित की गई हैं। बाजार में चीनी की बढ़ते दामों को लेकर ऐसा निर्णय लिया गया है। साथ ही प्रति आढ़ती को चार हजार क्विंटल चीनी भंडारण करने की क्षमता निर्धारित की गई है। अवैध भंडारण और महंगे दाम में चीनी की बिक्री करने वाले कारोबारियों पर सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। दरअसल, इधर, चीनी के एकबारगी दाम बढ़ रहे हैं। इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। बढ़े दाम की वजह से कहीं आढ़तियों की तरफ से कालाबाजारी और अवैध भंडारण न कर लिया जाए, इसको लेकर विपणन विभाग सक्रिय हो गया है। कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए सदर, महराजगंज, लालगंज, ऊंचाहार, सलोन, डलमऊ तहसील में विशेष टीमें गठित की हैं। टीम में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक और संबंधित मंडी समिति के सचिव को शामिल किया गया है। यह टीमें चीनी आढ़तियों और व्यापारियों के स्टॉक व गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगी। यह कदम कीमतों को नियंत्रित करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इसका मकसद चीनी के अवैध भंडारण, कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोकना। जिले में अब तक चार चीनी आढ़ती वाजपेयी ट्रेडर्स, जायसवाल ट्रेडर्स, देवांग ट्रेडर्स, भानू जायसवाल का नाम सामने आया है। इन सभी से मानक के तहत ही चीनी बिक्री करने के लिए कहा गया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 20, 2026, 16:17 IST
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