रेवाड़ी: लंबित मांगों और गांव में काम के दौरान आ रही समस्याओं को लेकर सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और गांव में काम के दौरान आ रही समस्याओं को लेकर लघु सचिवालय परिसर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम बीडीपीओ करतार सिंह को ज्ञापन सौंपा। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधा राजकुमार और संचालन जिला उपप्रधान नवल किशोर ने किया। सीटू जिला उपप्रधान रामकुमार ने कहा कि पिछले 11 साल में सरकार ने किसी भी सफाई कर्मचारी की पक्की भर्ती नहीं की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी की 24 नवंबर 2024 को जींद में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए वेतन 26 हजार और शहरी सफाई कर्मचारियों के लिए 27 हजार देने की घोषणा अब हवा-हवाई साबित हुई है। इसी तरह 11 जून को सिरसा में 2100 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा भी आज तक लागू नहीं हुई। सीटू जिला सचिव रामचंद्र ने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 25 नवंबर को जारी पत्र ने विभिन्न बीडीपीओ और ग्राम सचिवों को सफाई कर्मचारियों से बेगार लेने का अधिकार दे दिया, जो बिल्कुल भी उचित नहीं है। इसके कारण कर्मचारियों को वेतन कटौती, मारपीट और उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है। यूनियन मांग करती है कि ये आदेश वापस लिए जाएं और प्रत्येक जोन में सुपरवाइजर के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की जाए। नगर पालिका राज्य कैशियर महेंद्र संगेलिया ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की स्थिति और खराब हुई है। वेतन समय पर नहीं मिलता, कूड़ा उठाने के लिए रिक्शा आदि का कोई प्रबंध नहीं है, और अधिकांश कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड तक नहीं मिला। गांवों में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई पूरी तरह से प्रभावित है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 06, 2025, 18:30 IST
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