ऐतिहासिक बरुआसागर दुर्ग में लौटेगी शाही रौनक
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई के समर पैलेस के रूप में प्रसिद्ध बरुआसागर का ऐतिहासिक दुर्ग अब शाही अंदाज में नई पहचान पाने जा रहा है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से इसे हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने संरक्षण और पुनरुद्धार का काम तेज कर दिया है तथा जुलाई 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य के चलते फिलहाल किले का मुख्य प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद किला अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हेरिटेज होटल के रूप में पर्यटकों के लिए फिर से खोला जाएगा। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर सात एकड़ क्षेत्र में फैले इस पांच मंजिला किले का विकास राजस्थान के नीमराना ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। परियोजना में किले की मूल वास्तुकला और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार इसे पटियाला के 'द बारादरी पैलेस' और अलवर के 'तिजारा फोर्ट' की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। किले के प्रथम तल पर 16, द्वितीय तल पर 22, तृतीय तल पर पांच तथा चतुर्थ और पंचम तल पर एक-एक कक्ष हैं। परिसर के समीप स्थित प्राकृतिक झील और झरना भी इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण होंगे। पर्यटन विभाग का दावा है कि अगले दो वर्षों में किले का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा नया स्वरूप बरुआसागर दुर्ग बुंदेलखंड की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी में ओरछा के राजा उदित सिंह ने कराया था। ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण इसे 'गिरी दुर्ग' की श्रेणी में रखा जाता है। लाखोरी ईंटों से निर्मित इस किले की प्राचीन वास्तुकला और मूल संरचना को संरक्षित रखते हुए ही होटल विकसित किया जा रहा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे। पर्यटकों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं हेरिटेज होटल बनने के बाद यहां लग्जरी कमरे, रेस्टोरेंट, स्विमिंग पूल, स्पा एवं सैलून, उद्यान, आधुनिक बाथरूम, वातानुकूलित कक्ष, हाई-स्पीड इंटरनेट सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा लोकनृत्य, संगीत संध्या और बुंदेली संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। यह परिसर पर्यटन के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग, कॉर्पोरेट कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार करीब 35 से 40 हजार आबादी वाले बरुआसागर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। हेरिटेज होटल बनने से पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे। होटल संचालन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसे क्षेत्रों को भी नया बाजार मिलेगा। 30 वर्ष की लीज पर संचालित होगी परियोजना पर्यटन विभाग के अनुसार बरुआसागर दुर्ग को पीपीपी मॉडल के तहत 30 वर्ष की लीज पर निजी कंपनी को सौंपा गया है। विभाग का मानना है कि यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी, बल्कि महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर में आने वाले पर्यटकों को इतिहास और आधुनिक आतिथ्य का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 17, 2026, 16:08 IST
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