Karnataka: 'पानी राजनीतिक सीमाओं को नहीं पहचानता', बांध सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोले सिद्धारमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बंगलूरू में बांध सुरक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 'पानी राजनीतिक सीमाओं को नहीं पहचानता, इसलिए सुरक्षा मानकों को भी राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।' यह दो दिवसीय सम्मेलन भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में आयोजित किया गया। यह भी पढ़ें - Congress: 'पूर्व पीएम नेहरू ने SC जज से मांगी थी माफी', जयराम रमेश बोले- ऐसे थे असाधारण संस्थान निर्माता बांधों की हालत पर चिंता मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत में कुल 6,628 बड़े बांध हैं, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बांध मालिक देश है। कर्नाटक में 231 बड़े बांध हैं और यह देश में छठे स्थान पर है। करीब 70% बांध 25 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं।उन्होंने कहा कि पुराने बांधों की सुरक्षा जांच, आधुनिकीकरण और जोखिम के अनुसार संचालन बहुत जरूरी हो गया है। जलवायु परिवर्तन और सुरक्षा खतरे सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि आज हम जलवायु परिवर्तनके कारण भारी बारिश और सूखे जैसी चरम परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। भूकंप का खतरा, जलाशयों में गाद भरना और पुराने ढांचे की कमजोरी- ये सब मिलकर बड़ा जोखिम पैदा कर रहे हैं। अब बांध सुरक्षा सिर्फ तकनीकी मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सिस्टम से चलने वाले बांधों को साइबर हमलों और तकनीकी तोड़फोड़ से भी बचाना जरूरी है। यह भी पढ़ें - Maharashtra: भाजपा के 'औरंगजेब' वाले कटाक्ष पर उद्धव की पार्टी का पलटवार, AIMIM से गठबंधन को दिलाया याद (ये खबर अपडेट की जा रही है)

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 13, 2026, 15:35 IST
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