Asthma Attack: अस्थमा के मरीजों की जान बचा सकती है ये छोटी सी डिवाइस, डॉक्टर से जानिए कब करें इसका इस्तेमाल
श्वसनसमस्याएं वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। हर साल फेफड़े और सांस की बीमारियों के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के साथ बढ़ते प्रदूषण ने जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है। यही वजह है कि अस्थमा मौजूदा समय की एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। सांस की बीमारियां जहां पहले सिर्फ बुजुर्गों की दिक्कत मानी जाती थीं, वहीं अब कम उम्र के लोग यहां तक कि बच्चे भी अस्थमा का शिकार देखे जा रहे हैं। अस्थमा एक क्रॉनिक इंफ्लेमेटरी बीमारी है, जिसमें श्वसन नलिकाएं सूजकर संकरी हो जाती हैं। इससे हवा का प्रवाह बाधित होता है और सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अस्थमा के मरीजों को अक्सर सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न और बार-बार खांसी होती रहती है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर हमेशा अपने पास इनहेलर मशीन रखने की सलाह देते हैं ताकि अस्थमा अटैक होने पर तुरंत आराम पाया जा सके। अब सवाल ये है कि सांस की समस्याओं में इनहेलर कैसे मदद करता है और मरीजों को कौन सी और सावधानियां बरतनी जरूरी हैं
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 03, 2026, 12:06 IST
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