Malaria Day: नवजात शिशुओं के लिए पहली बार मलेरिया की खास दवा को मिली मंजूरी, लाखों बच्चों की बचेगी जान

मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती हैं। बरसात का मौसम आते ही मच्छरों का प्रजनन और मच्छर काटने से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मलेरिया को विशेषज्ञ कई मामलों में गंभीर मानते हैं। साल 2024 में, दुनिया भर के 80 देशों में मलेरिया के लगभग 282 मिलियन (28.2 करोड़) मामले सामने आए और 6.10 लाख लोगों की मौत हो गई। साल 2023 की तुलना में मामलों में लगभग 9 मिलियन की बढ़ोतरी हुई थी। अफ्रीकी क्षेत्र पर इसका सबसे ज्यादा बोझ देखा जाता रहा है जहां मौतों में 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आंकड़ा 75% तक होता है। बच्चों में मलेरिया के मामलेऔर इससे मौत के जोखिमों को कम करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक अहम कदम की घोषणा की है। शुक्रवार (24 अप्रैल) को मलेरिया की पहली ऐसी दवा को मंजूरी दी गई है, जिसे खास तौर पर शिशुओं के लिए बनाया गया है। अब तक, शिशुओं का इलाज उन दवाओं से किया जाता था जो वयस्कों के लिए उपलब्धथीं। इससे नवजात शिशुओं में डोज की गलती होने और इसके कारण जोखिम बढ़ने का खतरा बना रहता था। विश्व मलेरिया दिवस पर इसे बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 25, 2026, 14:20 IST
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