रामराज्य के आदर्श की शाश्वत प्रतीक है अयोध्या: राज्यपाल

अयोध्या। रामराज्य के आदर्श की शाश्वत प्रतीक है अयोध्या। यहां मर्यादा, करुणा और न्याय केवल ग्रंथों में नहीं, बल्कि जन-जीवन की सांसों में बसते हैं। आज अयोध्या ने फिर इतिहास रचा है। विश्वविद्यालय में श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण हुआ। यह बातें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रामायण विश्वविद्यालय में श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमाकके अनावरण समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि श्रीराम की प्रतिमा न केवल स्थापत्य का प्रतीक है, बल्कि सत्य, करुणा, धर्म और कर्तव्य जैसे गुणों की सर्वाेच्च अभिव्यक्ति है। अयोध्या केवल एक नगरी नहीं बल्कि रामराज्य की प्रतिबिंब है। श्रीराम न्याय, करुणा, सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। भगवान श्रीराम भारत की सांस्कृतिक चेतना के केंद्र बिंदु हैं। प्रभु श्रीराम का जीवन यह सिखाता है कि सत्ता सेवा का माध्यम हो, शक्ति संयम से संचालित हो और निर्णय लोक मंगल से प्रेरित हो। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों के कालखंड में भारत के इतिहास में संभावनाओं का सूर्य उदित हुआ है। आज देश का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां अवसर की धारा प्रवाहित न हो रही हो। हर सेक्टर में नवाचार दिख रहा है। भारत का युवा आज न सिर्फ आकाश नाप रहा है बल्कि समय की सीमाओं को भी लांघ रहा है। कहा कि रामायण व महाभारत हमारे अमूल्य धरोहर हैं। ये केवल ग्रंथ नहीं हैं बल्कि जीवन के शाश्वत सत्य हैं। युवा इन प्रेरक कथाओं को शब्दों से निकालकर स्क्रीन, मंच पर और गेमिंग वर्ल्ड में भी सजीव कर सकते हैं। डिजिटल संसार में विज्ञान नए रूप में अवतरित हो रहा है। अब तकनीक भारतीयता से जुड़कर नव सृजन करेगी। भारत की कहानियां भारत की आत्मा बनाकर दुनिया के भूखंड पर राज करेंगी। उत्तर प्रदेश प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मणि शंकर तिवारी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा का नया मॉडल बनेगा, जहां टेक्नोलॉजी के साथ चरित्र निर्माण और सोच का विकास होगा। इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने राज्यपाल व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। संचालन जन संपर्क अधिकारी शिवम यादव ने किया। कार्यक्रम में कुलपति भानु प्रताप सिंह, ट्रस्टी राहुल भारद्वाज, पंकज शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे। ध्यान परंपरा व आधुनिक शिक्षा एक दूसरे के पूरकराज्यपाल ने महर्षि महेश योगी को युगपुरुष बताते हुए कहा कि महेश योगी जी का मानना था कि शिक्षा ही स्थायी परिवर्तन की आधारशिला है। शिक्षा ही मानव जीवन के संपूर्ण संभावनाओं के विकास का माध्यम है। भारत की ध्यान परंपरा व आधुनिक शिक्षा एक दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। भारत में ध्यान की अवधारणा प्राचीन है जो वेदों से निकलकर आज के आधुनिक युग में भी प्रवाहित हो रही है। सच्ची आधुनिकता वही है जो अपनी परंपरा को सहेजते हुए भविष्य के आकाश को छू सके। समग्र विकास का सशक्त केंद्र बनेगा विश्वविद्यालयराज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विरासत को सहेजने पर जोर देते हुए कहा कि यदि प्राचीन विरासत को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाए तो शिक्षा संवेदनशील औ संस्कारित बनेगी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में देखेंगे तो रामायण विश्वविद्यालय इस नीति के सिद्धांतों का न सिर्फ अनुपालन कर हा है, बल्कि जीवंत प्रयोग कर रहा है। यह केवल पाठ्यक्रम प्रदान करने वाला विश्वविद्यालय नहीं बनेगा बल्कि समग्र विकास का एक सशक्त केंद्र बनेगा। भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण व संवर्धन का माध्यम भी बनेगा।आज भारत रिफाॅर्म एक्सप्रेस पर सवारराज्यपाल ने कहा कि आज भारत इतिहास के उस स्वर्णिम मोड़ पर खड़ा है। जहां संकल्प और सिद्धि एक दूसरे का हाथ थामे आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत रिफाॅर्म एक्सप्रेस पर सवार है, जिसका लक्ष्य विकसित भारत है। यह रिफार्म एक्सप्रेस किसी एक दिशा में नहीं बल्कि हर क्षेत्र, हर सेक्टर और हर नागरिक को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया नव भारत के निर्माण का संकल्प है। यह वह भारत है जो अवसर की प्रतीक्षा नहीं करता बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करता है। भारत अतीत की गौरवशाली विरासत को आत्मसात करते हुए भविष्य की संभावनाओं को साकार कर रहा है। महर्षि महेश योगी ने दी दुनिया को अमूल्य निधि : महापौर महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि महर्षि महेश योगी ने भावातीत ध्यान के रूप में दुनिया को अमूल्य निधि दी। इस विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पुष्पवित और पल्लवित होगी। यह विश्वविद्यालय दिखाता है कि संस्कृति और टेक्नोलॉजी कैसे साथ-साथ चल सकती हैं। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाएं और आधुनिक सिस्टम इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाते हैं। आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 16, 2026, 20:43 IST
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