Karnal News: बबीता और ज्योति ने हुनर को दी पहचान
संवाद न्यूज एजेंसीकरनाल। ग्रामीण महिलाएं अब घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि अपने हुनर और मेहनत के दम पर आर्थिक रूप से भी मजबूत बन रही हैं। ऐसा ही उदाहरण संगोही गांव की बबीता और चिड़ाव गांव की ज्योति ने पेश किया है। बचपन से कढ़ाई और डिजाइनिंग का शौक रखने वाली इन महिलाओं ने अपने हुनर को पहचान दी और आज वही कला उनके लिए आय का मुख्य साधन बन चुकी है। हाथों की बारीक कढ़ाई, रंग-बिरंगे धागों और आधुनिक डिजाइनों से तैयार किए गए सूट, चद्दरें, फुलकारी चुन्नियां और अन्य सजावटी वस्तुएं बना कर स्थानीय बाजार तक पहुंचा रही हैं। हैंड पेंटिंग का काम कर रही हैं : चिड़ाव निवासी ज्योति ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एंब्रॉयडरी और हैंड पेंटिंग का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही रंगों और डिजाइनिंग में रुचि थी। कक्षा आठवीं में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार कपड़ों पर कढ़ाई की थी, जिसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह कला उनके भीतर एक विशेष हुनर के रूप में मौजूद है। उन्होंने रेशमी धागों से बारीक एंब्रॉयडरी करना सीखा। वह कपड़ों पर हाथ से डिजाइन बनाकर उन्हें आकर्षक रूप देती थीं। समूह के माध्यम से उन्हें कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिला। इसके बाद उन्होंने अपने हुनर को और निखारना शुरू किया। वह समूह से जुड़कर अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं। वह स्थानीय बाजार में फुलकारी, सूटों, पर्दों और बेड शीट की चद्दरों पर कढ़ाई कर बेच रही है। उनका कहना है कि अब वह आत्मनिर्भन बन गईं हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 18, 2026, 02:47 IST
Karnal News: बबीता और ज्योति ने हुनर को दी पहचान #BabitaAndJyotiGaveRecognitionToTalent #SubahSamachar
