Tehri News: पुनर्वास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा अरुणाचल का प्रतिनिधिमंडल

टिहरी बांध प्रभावितों के बेहतर पुनर्वास करने के लिए टिहरी परियोजना से ली सीखनई टिहरी। अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने टिहरी बांध परियोजना के कार्यस्थलों सहित प्रभावित क्षेत्रों, पुनर्वास स्थलों, नई टिहरी का भ्रमण किया। केंद्र सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से टीएचडीसी इंडिया लि. को वहां की 1200 मेगावाट की लोहित घाटी में कलाई-2 जल विद्युत परियोजना बनाने की जिम्मेदारी मिली है।अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ (हवाई) जिले के उपायुक्त/जिलाधिकारी मिलो कोजिन नेतृत्व में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधिमंडल ने टिहरी बांध परियोजना क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने 2400 मेगावाट की टिहरी बांध परियोजना के निर्माण, पुनर्वास एवं विकास संबंधी जानकारी ली। उन्होंने अध्ययन किया कि कैसे इसका निर्माण किया गया। बांध सहित पुनर्वास के संबंध में जानकारी ली ताकि कलाई-2 परियोजना में होने वाले बांध प्रभावित परिवारों का बेहतर पुनर्वास किया जा सके।टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक एलपी जोशी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए बांध निर्माण, पुनर्वास संबंधी जानकारी दी। बांध के कार्यस्थलों, भूमिगत पॉवर हाउस, टिहरी जलाशय के आसपास के बांध प्रभावित क्षेत्रों, पुनर्वासित नई टिहरी के स्थलों का निरीक्षण किया गया। 1000 मेगावाट टिहरी और 400 मेगावाट की कोटेश्वर परियोजना कार्यरत है, जबकि 1000 मेगावाट की पीएसपी की कमीशनिंग अंतिम चरण में है। बांध के लिए टिहरी शहर सहित 100 से अधिक गांवों का देहरादून, हरिद्वार जिलों के पुनर्वासित स्थलों पर किया गया। मास्टर प्लान नई टिहरी का निर्माण भी टीएचडीसी ने कराया है। इस मौके पर अतिरिक्त सहायक आयुक्त विखेलूम बेलाई, जिला भूमि एवं राजस्व बंदोबस्त अधिकारी शिवम त्रिपाठी, ईई जल विद्युत विभाग धर्मेन गोगोई, ईई ग्रामीण कार्य विभाग बजाज पुल, सहायक खनिज विकास अधिकारी ब्रेडेन्सो युन, कला एवं संस्कृति अधिकारी सोदिन चक्रो, टीएचडीसी के एजीएम डीपी पात्रो, एसएस नेगी, मनबीर सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 24, 2025, 18:13 IST
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