धनतेरस पर ब्रह्मांड की सुंदरता: तनिष्क के अध्यंतरा कलेक्शन में भारतीय संस्कृति की छाप, गहने इतने खास क्यों?
ऊंची कीमतों के बावजूद धनतेरस और दिवाली को लेकर देशभर के सराफा बाजारों में चहल-पहल दिख रही है। तनिष्क समेत अन्य आभूषण विक्रेताओं ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए खास तैयारियां की हैं। टाइटन कंपनी लि. के जूलरी डिविजन के सीईओ अरुण नारायण ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि तनिष्क ने हर साल की तरह इस धनतेरस के लिए भी अपना नया कलेक्शन अध्यंतरा पेश किया है, जो ब्रह्मांड की सुंदरता और उसके रहस्यों से प्रेरित है। खास बात है कि नए कलेक्शन में भारतीय संस्कृति और शानदार कारीगरी के साथ वर्ल्ड क्लास डिजाइन की झलक दिखती है। इसमें डेली वियरेबल वाले आभूषणों की भी अच्छी रेंज है। तनिष्क गोल्ड एक्सचेंज इनिशिएटिव को लेकर अरुण ने बताया कि सोने से कई चीजें जुड़ी हैंसमृद्धि, संस्कृति, कारीगरी और गर्व। ऐसे में गोल्ड एक्सचेंज महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके जरिये घर में पड़े पुराने सोने को नए से बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीयों के पास घरों और लॉकर में करीब 25,000 टन सोना पड़ा है, जबकि देश में सालाना मांग 800 टन है। अगर हम घरों और लॉकर में रखे सोने को रिसाइकिल करें, तो देश में आभूषणों की मांग का एक बड़ा हिस्सा इसी से पूरा जाएगा। सोने के आयात में कमी आएगी और देश का रिजर्व भी बचेगा। आगामी शादी सीजन में भी मजबूत रहेगी मांग अरुण ने बताया कि बाजार में दशहर से ही मजबूत सेंटीमेंट दिख रहा है। नवरात्र के 10 दिनों में अच्छी मांग दर्ज की गई। धनतेरस और दिवाली पर भी यही ट्रेंड बने रहने की उम्मीद है। इसके बाद शादियों का सीजन शुरू होगा, जिसके लिए अभी से मांग आ रही है। खरीदारों की पूछताछ को देखते हुए शादियों के सीजन में भी आभूषणों की मांग मजबूत रहेगी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 06, 2026, 07:55 IST
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