Fraud Case : टोल प्रोजेक्ट में पैसा लगाकर डेढ़ गुना लौटाने के नाम पर 56 लाख की धोखाधड़ी
सिविल लाइंस पुलिस ने ठेकेदार बृजेश पांडेय व उसके भाई लेश पांडेय समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उक्त लोगों ने उमापुर, मुंगारी व हरी पर टोल प्रोजेक्ट में पैसा लगवाकर डेढ़ गुना लौटाने का झांसा देकर 56 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। सिविल लाइंस पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सिविल लाइंस पीडी टंडन रोड निवासी अनुराग कुमार ने पुलिस को बताया कि वह मेसर्स अनुराग एसोसिएट्स के प्रोपराइटर हैं। आरोप है कि नागपुर की हुडकेश्वर रोड सरस्वती नगर निवासी एसबी मल्टीसर्विसेज के प्रोपराइटर बृजेश पांडेय ने विश्वास दिलाया गया कि वह टोल शुल्क संग्रह के ठेकेदार हैं। नैनी ब्रिज सेक्शन पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से 1.6 किलोमीटर के नए एनएच 30 (उमापुर, मुंगारी, हरी) पर टोल शुल्क संग्रह के लिए टेंडर निकाला गया था। यह टेंडर राजस्थान उदयपुर के कोरल एसोसिएट के प्रोपराइटर सौरभ टाक के पक्ष में निष्पादित हुआ है। आरोप है कि बृजेश पांडेय व प्रतापगढ़ के पट्टी निवासी उसके भाई शैलेश पांडेय ने दुर्गेश टाक व श्रेयांश टाक से मुलाकात कराकर कहा कि यह दोनों कोरल एसोसिएट के अधिकृत पदाधिकारी हैं। आरोप है कि उक्त लोगों ने झांसा दिया कि प्रोजेक्ट में एसबी मल्टी सर्विसेज की 50 फीसदी साझेदारी है और फर्म के माध्यम से प्रोजेक्ट में पैसा लगाने पर छह माह में डेढ़ गुना हो जाएगा। झांसे में आकर पीड़ित ने पहले 18 और फिर 38 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि बृजेश व शैलेश से सिविल लाइंस में मुलाकात कर अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने देने से इन्कार कर दिया। जब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रोजेक्ट की जानकारी निकाली गई तो सात जनवरी 2026 को पता चला कि कोरल एसोसिएट की ओर से टोल प्लाजा संग्रह के लिए भी संविदा करार या भागीदारी नहीं की गई है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 23, 2026, 13:56 IST
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