Aligarh News: विवाह से पहले आनुवंशिक कुंडली मिलान जरूरी

विश्व सिकल सेल दिवस पर आईएमए द्वारा आयोजित गोष्ठी में जीवन रक्षा अंतर को कम करना, सिकल सेल रोग में समानता हो विषय पर चर्चा हुई। चिकित्सकों ने विवाह से पहले आनुवंशिक कुंडली मिलाने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि यह सिकल सेल रोग से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है।इस दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहरोत्रा ने कहा कि बच्चों में पाई जाने वाली हर खून की कमी आयरन की कमी नहीं होती। सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक बीमारी है। यदि पति-पत्नी दोनों में से किसी को यह समस्या है, तो बच्चे को भी सिकल सेल एनीमिया हो सकता है। इसके लक्षणों में पीलिया, बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता और छाती में दर्द शामिल हैं। किडनी खराब होना और सीने में दर्द भी इसके प्रमुख लक्षण हैं। वक्ताओं ने कहा कि सिकल सेल रोग में विकृत कोशिकाएं रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध करती हैं। इससे ऊतकों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर दर्द के दौरे पड़ते हैं। अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण कुछ रोगियों के लिए एक संभावित इलाज है। संगोष्ठी में आईएमए अध्यक्ष डॉ. भरत वार्ष्णेय, आईएपी अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बंसल, आईएमए सचिव डॉ. अभिषेक सिंह, आईएपी सचिव डॉ. अभिषेक शर्मा, डॉ. शालिनी वार्ष्णेय सहित कई चिकित्सक शामिल हुए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 20, 2026, 02:49 IST
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