गूगल ने लॉन्च किया Genie 4: अब एआई से बनाएं वर्चुअल दुनिया, जानें रियल टाइम में कैसे बदलेंगे मौसम और कैरेक्टर
गूगल डीपमाइंड ने आधिकारिक तौर पर अपना नया वर्ल्ड एआई मॉडल जीनी 4 लॉन्च कर दिया है। यह एक ऐसा अगली पीढ़ी का एआई सिस्टम है, जो रियल-टाइम, इंटरैक्टिव 3D दुनिया बनाने के साथ-साथ नेटिव ऑडियो और बेहद रियलिस्टिक विजुअल्स पेश करता है। कंपनी का कहना है कि इसके जरिए यूजर्स न सिर्फ डायनामिक एनवायरनमेंट जेनरेट कर सकते हैं, बल्कि उसमें लाइव नेविगेट भी कर सकते हैं। यह मॉडल उसी फिजिक्स के नियमों, कैरेक्टर बिहेवियर और साउंडस्केप की गणना करता है। अल्फाबेट और गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि Genie 4 हमारा सबसे रियलिस्टिक और इंटरैक्टिव वर्ल्ड मॉडल है। Excited to share Genie 4 today our most realistic and interactive world model: - steer dynamic environments in real time, shaping events, camera angles, and actions - generate native audio matched to the world, from realistic background sounds to characters who can converse in real time! - simulate photorealistic scenes and real-world physics - create more coherent multi-step events through reasoning from Gemini We've started to roll out as a research preview to trusted testers. Coming soon to Google AI Ultra subscribers in Project Genie and early access partners via the Gemini API and AI Studio. — Sundar Pichai (@sundarpichai) October 27, 2026 क्या है गूगल जीनी 4 और कैसे करता है काम जीनी 4 एक एआई वर्ल्ड मॉडल है। यह ऐसी डिजिटल दुनिया तैयार कर सकता है, जहां यूजर एक्टिविटी कर सकते हैं और उनके असर को उसी समय देख सकते हैं। इसमें सामान्य फोटो या वीडियो जनरेटर खास तौर पर तैयार कंटेंट दिखाते हैं, जबकि वर्ल्ड मॉडल का उद्देश्य एक ऐसा माहौल बनाना है, जो यूजर के इनपुट और गतिविधियों के हिसाब से आगे बढ़े। जैसे मान लीजिए, यूजर किसी समुद्र किनारे का सीन बनाकर उसमें घूम सकता है। इसके बाद टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए मौसम बदलने, कैमरे को दूसरी दिशा में ले जाने या किसी नए व्यक्ति को जोड़ने के लिए कह सकता है। इसके बाद यह मॉडल यूजर के अनुसार सीन बदलने की कोशिश करता है। गूगल का कहना है कि जीनी 4 दुनिया के दिखने, आवाज करने और उसमें मौजूद लोगों या कैरेक्टर्स के चलने-फिरने तथा प्रतिक्रिया देने जैसी चीजों को एक साथ सिमुलेट कर सकता है। क्या-क्या कर सकता है गूगल डीपमाइंड का जीनी 4 रियल टाइम में बदल सकेंगे वर्चुअल दुनिया कंपनी के अनुसार जीनी 4 की सबसे बड़ी खासियत में से एक है सीन को रियल टाइम में बदलने की सुविधा है। यूजर कीबोर्ड से नेविगेशन और कैमरा कंट्रोल कर सकते हैं। इसके अलावा, टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर सिमुलेशन में बदलाव भी किया जा सकता है। इसकी मदद से यूजर मौसम बदलने, कैमरे का एंगल बदलने या किसी नए कैरेक्टर और ऑब्जेक्ट को जोड़ने जैसे निर्देश दे सकते हैं। मॉडल आसपास के सीन के हिसाब से इन निर्देशों को समझकर दुनिया को आगे बढ़ाता है। यह सुविधा गेम डेवलपर्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी हो सकती है। जैसे गेम बनाने वाली टीम किसी शुरुआती आइडिया को वर्चुअल दुनिया में बदलकर उसके लुक, एनवायरमेंट और इंटरैक्शन को परख सकती है। इससे शुरुआती प्रोटोटाइप तैयार करने और अलग-अलग आइडिया आजमाने में मदद मिल सकती है। फिजिक्स और कैरेक्टर की गतिविधियों पर फोकस गूगल का कहना है कि जीनी 4 में पहले के मुकाबले ज्यादा वास्तविक दिखने वाले सीन और बेहतर मूवमेंट पर काम किया गया है। यह एयरोडायनामिक्स, टकराव और एनवायरमेंट में भी सुधार ला सकता है। इसमें कैरेक्टर्स के चलने, प्रतिक्रिया देने और आसपास की चीजों से प्रभावित होने पर भी ध्यान दिया गया है। इसका मकसद सिर्फ देखने में वास्तविक दुनिया जैसी तस्वीर बनाना नहीं, बल्कि ऐसी सिमुलेशन तैयार करना है, जिसमें गतिविधियों का असर भी दिखाई दे। हालांकि, गूगल ने यह भी स्पष्ट किया है कि जीनी 4 अभी शुरुआती रिसर्च चरण में है। लंबे समय तक सिमुलेशन चलने या कई बार बदलाव करने पर वस्तुओं की बनावट और उनकी स्थिति में अंतर आ सकता है। जटिल फिजिकल इंटरैक्शन और स्पेशियल एक्यूरेसी में सुधार की जरूरत भी बनी हुई है। पहली बार नहीं, बल्कि बेहतर नेटिव ऑडियो क्षमता जीनी 4 में नेटिव ऑडियो जनरेशन को अहमियत दी गई है। इसका मतलब है कि मॉडल वर्चुअल दुनिया के साथ उससे मेल खाने वाली आवाजें भी तैयार कर सकता है। इनमें एनवायरमेंट की आवाजें, बैकग्राउंड म्यूजिक और कैरेक्टर्स के बीच इंटरैक्टिव बातचीत शामिल हो सकती है। हालांकि, किसी वर्चुअल जंगल में पक्षियों की आवाजें या किसी बाजार के सीन में आसपास के लोगों की बातचीत सुनाई दे सकती है। यूजर के निर्देशों के अनुसार सीन बदलने पर उससे जुड़ी आवाजों को भी तैयार किया जा सकता है। गूगल इसे जीनी 4 की प्रमुख क्षमताओं में गिनता है। हालांकि, कंपनी के अनुसार ऑडियो की सटीकता अभी भी सुधार के क्षेत्रों में शामिल है। इसलिए हर सीन में आवाज और गतिविधि का पूरी तरह सटीक मेल होने की गारंटी नहीं है। जेमिनी की मदद से बनेंगे मल्टी-स्टेप इवेंट जीनी 4 को जेमिनी के मॉडल्स की रीजनिंग क्षमताओं के साथ जोड़ा गया है। कंपनी के अनुसार, जेमिनी ओमनी सिमुलेशन को असली दुनिया के रूप-रंग और व्यवहार से जोड़ने में मदद करता है, जबकि अन्य जेमिनी मॉडल घटनाओं के क्रम और सिमुलेशन की निरंतरता बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। इसमें जेमिनी 3.8 फ्लैश को एक गाइडिंग एजेंट के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। यह सीन को देख सकता है, किसी बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे स्टेप्स में बांट सकता है और आने वाले फ्रेम्स की समीक्षा कर सकता है। अगर यूजर बीच में निर्देश बदल देता है या सीन में कोई बदलाव होता है, तो यह अपने अगले कदम की योजना भी बदल सकता है। गूगल ने जेमिनी 3 आर्गन और जीनी 4 को साथ इस्तेमाल करने से जुड़े प्रयोगों का भी जिक्र किया है। इस दिशा में रोबोटिक्स से जुड़े कामों को चरणों में बांटकर वर्चुअल दुनिया में सिमुलेट करने की संभावना तलाश की जा रही है। इस तरह के सिमुलेशन से वास्तविक दुनिया में किसी एजेंट या रोबोट को तैनात करने से पहले उसके व्यवहार और अलग-अलग परिस्थितियों में उसकी प्रतिक्रिया को परखने में मदद मिल सकती है। This is Genie 4, our most realistic and interactive world model yet. 🌐 Explore dynamic environments in real time to see how the scene responds, sounds, and how the people in it move, react, and speak.mdash; Google DeepMind (@GoogleDeepMind) October 27, 2026 जीनी4 का इस्तेमाल कहां हो सकता है कंपनी की माने तो इस वर्ल्ड मॉडल का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। हालांकिवास्तविक नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि सिमुलेशन कितनी सटीक और भरोसेमंद रहती है। इनके इस्तेमाल में नीचे बताई गई बातें शामिल हैं गेम डेवलपमेंट: गेम की दुनिया, कैरेक्टर और इंटरैक्शन के शुरुआती प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए। फिल्म और क्रिएटिव काम: किसी सीन या एनवायरमेंट के अलग-अलग रूपों को आजमाने के लिए। रोबोटिक्स: वास्तविक इस्तेमाल से पहले वर्चुअल माहौल में रोबोट और एआई एजेंट्स के व्यवहार की जांच करने के लिए। ट्रेनिंग सिमुलेशन: अलग-अलग परिस्थितियों में एआई एजेंट्स की क्षमता और प्रतिक्रिया को परखने के लिए। एनवायरमेंट घटनाएं: बाढ़ या जंगल की आग जैसी घटनाओं के संभावित प्रभावों को वर्चुअल वातावरण में समझने की कोशिश करके के लए जीनी4 कब और किसे मिलेगा गूगल डीपमाइंड ने जीनी 4 को फिलहाल रिसर्च प्रीव्यू के तौर पर सीमित संख्या में भरोसेमंद टेस्टर्स के लिए जारी किया है। कंपनी पहले इन टेस्टर्स से फीडबैक जुटाना चाहती है। इसके बाद इसे गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए प्रोजेक्ट जीनी और कुछ शुरुआती एक्सेस पार्टनर्स के लिए जेमिनी एपीआई और गूगल एआई स्टूडियो के जरिए उपलब्ध कराने की योजना है। आम यूजर्स के लिए व्यापक उपलब्धता की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। एआई से बने कंटेंट की पहचान कैसे होगी गूगल के अनुसार, जीनी 4 से तैयार होने वाले वीडियो और ऑडियो में सिंथआईडी डिजिटल वॉटरमार्क शामिल होगा। यह एक ऐसा वॉटरमार्क है, जिसे सामान्य तौर पर सीधे देख या सुन नहीं सकते, लेकिन एआई से तैयार कंटेंट की पहचान में मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 28, 2026, 07:15 IST
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