गुरु मंत्र : पढ़ाई के साथ जीवन के अनुभव भी करें साझा

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन से जुड़े अनुभव और सही मार्गदर्शन भी जरूरी है। सफलता का रास्ता मेहनत, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास से होकर गुजरता है। सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। जरूरत केवल उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने की है। इसी उद्देश्य से वह रोजाना पढ़ाई के साथ बच्चों को प्रेरक प्रसंग और जीवन से जुड़े अनुभव भी बताते हैं, ताकि उनमें लक्ष्य के प्रति गंभीरता और अनुशासन विकसित हो। बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान के बारे में भी जागरूक किया जाता है। विद्यालय के अधिकांश बच्चों के अभिभावक मजदूरी करते हैं और देर शाम घर लौटते हैं। ऐसे में बच्चों का अधिक समय मोबाइल पर न बीते, इसके लिए उन्हें पढ़ाई, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जाता है। इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है। बच्चे पहले की तुलना में अधिक अनुशासन के साथ पढ़ाई कर रहे हैं और सीखने में रुचि भी बढ़ी है।- प्रवीन शर्मा, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक स्कूल तुगलपुर, ग्रेटर नोएडा

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 03, 2026, 12:53 IST
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