Indore News: कलेक्टर की नई पहल, जनता से लेंगे तहसीलदारों के काम का फीडबैक
कलेक्टर आशीष सिंह ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत सुशासन संवाद केन्द्र के माध्यम से अब तहसीलदारों के काम का भी फीडबैक लिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राजस्व कार्यों में पारदर्शिता लाना और आवेदकों से उनके अनुभव के आधार पर काम की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना है। पटवारियों की शिकायतों के बाद अब तहसीलदारों के काम का वेरिफिकेशन भी आवेदकों के फीडबैक के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, निर्धारित समय सीमा में काम हुआ या नहीं, इसकी भी समीक्षा की जाएगी, जिससे असंतुष्टि वाली शिकायतों के साथ फोर्स क्लोज की गई शिकायतों पर भी ध्यान दिया जाएगा। कलेक्टर की कार्रवाई: उच्च अधिकारियों की भी होगी समीक्षा इंदौर जिले में पटवारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बाद अब कलेक्टर उच्च अधिकारियों को भी सुशासन संवाद केन्द्र के दायरे में लाकर उनकी कार्यशैली का मूल्यांकन करेंगे। इस केन्द्र के माध्यम से अब यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आवेदकों की संतुष्टि के साथ-साथ निर्धारित समयसीमा में राजस्व प्रकरणों का सही तरीके से निपटारा किया गया है या नहीं। यदि काम की गुणवत्ता खराब पाई जाती है, तो सम्बंधित तहसीलदारों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि सभी प्रकरण निर्धारित समय में निपटाए जाएं और गुणवत्ता बनाए रखी जाए। अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश: 31 मार्च तक पूरा किया जाए कार्य कलेक्टर आशीष सिंह ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारियों से उनके कार्यों की जांच की। उन्होंने पिछड़े तहसील के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मार्च तक वसूली के साथ-साथ डायवर्सन नामांतरण, सीमांकन और बटांकन के सभी प्रकरण समयसीमा में पूरे किए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने आरआरसी के प्रकरणों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं। इस कदम से अधिकारियों पर काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे काम में और तेजी आएगी। लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई: काम के प्रति जिम्मेदारी जरूरी कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि वे अपने सभी प्रकरणों का निराकरण कर आवेदकों को समय पर रिपोर्ट दें। इसके साथ ही, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और लम्बित प्रकरणों का तेजी से निपटान किया जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि रजिस्ट्री बनाने का कार्य 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। अगर किसी भी अधिकारी की लापरवाही या उदासीनता पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर की यह पहल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे राजस्व कार्यों में और सुधार आएगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 23, 2025, 19:54 IST
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