लेबनान में इस्राइली हमले में 12 की मौत: हूती लड़ाकों का दावा- सऊदी विमान गिराया; प. एशिया में क्या हैं हालात?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी इलाके के एक गांव पर इस्राइली हवाई हमलों में 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।इस बीच, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक टोही विमान को मार गिराने का दावा किया है। पिछले हफ्ते सऊदी अरब के एक टैंकर पर हमला हुआ था। उसके चालक दल के सात सदस्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस्राइल ने सोमवार तड़के दक्षिणी लेबनान के कफर रुमान गांव पर हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई। इनमें एक पैरामेडिक, चार महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। आईडीएफ ने हमला क्यों यह हमला इस्राइल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला के बीच बढ़े तनाव के बीच हुआ। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने हिजबुल्ला के कई लड़ाकों को निशाना बनाया। सेना के अनुसार, ये लोग कफर रुमान में हथियार पहुंचा रहे थे। सेना ने यह भी कहा कि वह इस दावे की जांच कर रही है कि रात के हमलों में कई आम लोग घायल हुए। इस्राइल के अनुसार, ये हमले हिजबुल्ला के उन लड़ाकों के जवाब में किए गए, जिन्होंने इलाके में सैनिकों पर विस्फोटक ड्रोन से हमला किया था। हूती विद्रोही ने क्या दावा किया ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने उत्तरी यमन में सऊदी अरब का एक सशस्त्र टोही विमान मार गिराया। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि विमान जौफ प्रांत के हवाई क्षेत्र में देखा गया था। उनके अनुसार, यह सऊदी अरब का विमान था और कथित तौर पर 'दुश्मनी की कार्रवाई' के लिए वहां आया था। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सऊदी अरब की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। कितने ड्रोन मार गिराने का दावा हूती प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 24 घंटे में सऊदी अरब के कुल तीन टोही ड्रोन मार गिराए गए हैं। इनमें से एक सोमवार सुबह बायदा प्रांत में देखा गया था। यमन की सेना ने क्या कहा यमन की सरकारी सेना ने सोशल मीडिया पर कहा कि उसने दहले प्रांत में हूती लड़ाकों के ठिकानों को निशाना बनाया। सेना के अनुसार, उसने बायदा प्रांत में हूती ठिकानों और मिसाइल दागने वाले अड्डे पर 13 हवाई हमले किए। मारिब प्रांत में भी हूती ठिकानों पर हमले किए गए। हूती विद्रोहियों की सेना ने इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। संयुक्त राष्ट्र ने क्या चेतावनी दी यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने हूतियों के कई मोर्चों पर लड़ाई बढ़ाने को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर यमन के आम लोगों पर भी पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर यूएई ने क्या कहा संयुक्त अरब अमीरात के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी एक देश को होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण नहीं करना चाहिए। ईरान ने कहा है कि वह इस जलमार्ग के पास एक नया 'प्रतिबंधित क्षेत्र' घोषित करने की योजना बना रहा है। इसका मकसद वहां से गुजरने वाले जहाजों को रोकना बताया गया है। यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने अबू धाबी में विश्व नेताओं के एक सम्मेलन में यह बात कही। ईरान को लेकर यूएई की चेतावनी क्या है गरगाश ने कहा कि यूएई के ऊर्जा निर्यात को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बंधक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर ईरान जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों और दूसरे व्यापारिक जहाजों को बारूदी सुरंगों, ड्रोन या मिसाइलों से धमकाता है, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना चाहिए।उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। ईरान और खाड़ी देशों के संबंध कैसे हैं यूएई अमेरिका का करीबी सहयोगी है। युद्ध के दौरान ईरान की ओर से उस पर कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं। गरगाश ने चेतावनी दी कि ईरान और खाड़ी देशों के बीच भरोसा फिर से बनाने में कई दशक लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर ईरान ने भरोसे की भावना को खत्म कर दिया है। सऊदी टैंकर के चालक दल का क्या हुआ ओमान ने बताया कि उसने सऊदी अरब के एक टैंकर के 16 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला है। इस टैंकर पर पिछले हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला हुआ था। ओमान के अनुसार, 'सिद्र' नाम के टैंकर पर ओमान के पास ईरान की ओर से हमला किया गया था। सऊदी अरब ने पहले बताया था कि हमले में फिलीपींस के दो नाविक मारे गए। कितने लोग अब भी लापता हैं ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने बताया कि टैंकर पर चालक दल के 25 सदस्य थे। इनमें से 16 को बचा लिया गया है। केंद्र ने बाकी सात लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी। अगर इन सात लोगों की मौत की पुष्टि होती है, तो यह 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद किसी व्यापारिक जहाज पर हुआ सबसे घातक हमला होगा। वेस्ट बैंक में क्या हुआ कब्जे वाले वेस्ट बैंक के हज्जा इलाके में फलस्तीनियों ने उमर अल-तूबासी की मौत पर शोक जताया। उनकी मौत इस्राइली बस्तियों के लोगों के साथ हुई झड़प में हुई थी। इस्राइली सेना ने कहा कि रविवार को सैनिकों को हज्जा भेजा गया था। वहां हुई झड़प को खत्म करने के लिए उन्होंने कार्रवाई की। सेना के अनुसार, चेतावनी के बाद सैनिकों पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए। इसके बाद सैनिकों ने गोली चलाई। सेना ने कहा कि गोली लगने की घटनाएं हुईं। ये भी पढ़ें:'अमेरिका में करना होगा उत्पादन':ट्रंप की कनाडा की विमान कंपनी को चेतावनी; ओटावा पर क्यों भड़का ईरान चश्मदीद ने क्या बताया चश्मदीद मोहम्मद अल-बत्ता ने आरोप लगाया कि सेना के आने से स्थिति और बिगड़ गई। उनके अनुसार, इस्राइली बस्ती के लोगों ने एक स्थानीय व्यक्ति को पीटकर की थी, जिससे झड़प शुरू हुई। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने लोगों पर आंसू गैस और तेज आवाज वाले बमों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि कई और लोग भी घायल हुए। वेस्ट बैंक में हिंसा क्यों बढ़ी संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यालय के अनुसार, 7 अक्तूबर 2023 को गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद वेस्ट बैंक में बस्ती के लोगों के हमले बढ़े हैं। यह युद्ध दक्षिणी इस्राइल पर हमास के नेतृत्व में हुए हमले के बाद शुरू हुआ था। गाजा में युद्धविराम की निगरानी से जुड़े अमेरिकी प्रयासों के प्रमुख राजनयिक निकोलाय म्लादेनोव ने गाजा युद्ध खत्म करने का प्लान लागू करने की अपील की। इस योजना में इस्राइली सेना की वापसी और हमास को हथियार छोड़ना शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा से इस्राइल और फलस्तीन बीच दो अलग-अलग देशों के समाधान का रास्ता रुक सकता है। उन्होंने कहा कि वेस्ट बैंक में जो कुछ हो रहा है और गाजा के आधे से ज्यादा हिस्से पर इस्राइली सेना के नियंत्रण के कारण संघर्ष का राजनीतिक समाधान निकालने का भरोसेमंद रास्ता नहीं दिख रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 08, 2026, 04:17 IST
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