'अमेरिका में करना होगा उत्पादन': ट्रंप की कनाडा की विमान कंपनी को चेतावनी; ओटावा पर क्यों भड़का ईरान?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा की विमान कंपनी बॉम्बार्डियर को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी अपने विमान बेचना चाहती है, तो उसे अपना उत्पादन अमेरिका में शुरू करना होगा। ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर लिखा, अमेरिका में बॉम्बार्डियर की बिक्री अब और नहीं। उनके उत्पाद इतने अच्छे नहीं हैं। उन्होंने कहा, उनकी (कनाडा) 50 फीसदी से ज्यादा कमाई अमेरिका से होती है। वे अमेरिकी खरीदारों, अमेरिकी कंपनियों, हवाई अड्डों और सेवाओं पर निर्भर हैं। वहीं, कनाडा पूरे अमेरिका में हमारे महान अमेरिकी बैंकों और कंपनियों को रोकता है। गल्फस्ट्रीम को लेकर क्या बोले ट्रंप ने अमेरिकी विमान कंपनी गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा ने इस कंपनी को अपने बाजार में कारोबार करने से गलत तरीके से रोका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, उन्होंने गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस को भी कनाडा में कारोबार करने से रोक दिया। यह पूरी तरह गलत और अनुचित है। वह दौर अब खत्म हो गया। उन्होंने कहा, अगर उन्हें हमारा बाजार चाहिए, तो उन्हें यहां उत्पादन करना होगा। अमेरिका को 'पिगी बैंक' समझना बंद करना होगा। इसके बाद ट्रंप ने कहा, 'अमेरिकी सामान खरीदें। अमेरिकी विमानों से उड़ान भरें। अमेरिकी शराब और पेय का आनंद लें। लेक अमेरिका में नौकायन करें। अमेरिका पहले।' अमेरिका-कनाडा में तनाव क्यों बढ़ा ट्रंप का यह बयान दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापार विवाद के बीच आया है। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता टूटने के बाद तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी भी दी है। कनाडा के पीएम ने क्या कहा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ ऐसा लंबे समय का व्यापार समझौता चाहता है, जिससे दोनों देशों को फायदा हो। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने कर्मचारियों, परिवारों और कारोबार के हितों की रक्षा करता रहेगा। कार्नी ने कहा, हम हमेशा कनाडा, कनाडाई कर्मचारियों और कनाडाई परिवारों के हित में खड़े होंगे। हम किसी आसान जीत या सिर्फ घोषणा की तलाश में नहीं हैं। हम ऐसा समझौता चाहते हैं, जो लंबे समय तक चले। ऐसा समझौता संभव है और यह दोनों के हित में है। क्या चाहता है कनाडा कार्नी ने कहा कि ऐसा समझौता कनाडा के कर्मचारियों, परिवारों और कारोबार के साथ-साथ अमेरिकी उपभोक्ताओं, कारोबार और परिवारों के लिए भी फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि कनाडा अब सिर्फ अमेरिका के अगले कदम का इंतजार नहीं करेगा। वह अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने और दूसरे देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा, हम दुनिया के उन सभी देशों से बात कर रहे हैं और समझौते कर रहे हैं, जो कनाडा के साथ व्यापार समझौता करना चाहते हैं। कार्नी ने कहा कि अमेरिका की ओर से रखी गई शर्तों को स्वीकार नहीं करने के कारण कनाडा को व्यापार वार्ता रोकनी पड़ी। उन्होंने कहा, हमारे देश की परीक्षा हो रही है। दो हफ्ते पहले हमने अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता रोकने का सही फैसला लिया। हम अमेरिका की पेशकश स्वीकार नहीं कर सकते थे। हम वह नहीं दे सकते थे, जो उन्होंने मांगा था। इसके बाद अमेरिका ने ऐसे नए टैरिफ लगाए, जिनका मकसद हमें नुकसान पहुंचाना और बांटना है। ट्रंप ने कनाडा पर क्या आरोप लगाया दूसरी ओर, ट्रंप ने कनाडा को 'सबसे ज्यादा नियम तोड़ने वालों में से एक' बताया। उन्होंने कनाडा की कंपनियों से अमेरिका में अपना कारोबार शुरू करने को कहा। ट्रंप के मुताबिक, इससे कंपनियां अमेरिकी टैरिफ से बच सकती हैं। पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में ट्रंप ने अमेरिकी वाहन उद्योग को बचाने का श्रेय अपनी टैरिफ नीति को दिया। ट्रंप ने कनाडा की व्यापार नीतियों को गलत बताते हुए फोर्ड का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, जब मैंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का एलान किया था, उस समय की शुरुआत में फोर्ड डेट्रॉयट में अपनी बड़ी फैक्टरी बंद करने की तैयारी कर रही थी। फिर क्योंकि मैं चुनावी सर्वे में आगे चल रहा था, उन्होंने इसे कुछ और समय खुला रखने का फैसला किया कि क्या होता है।ट्रंप ने आगे कहा, अब यह 24 घंटे, सातों दिन चल रही है और यह दुनिया की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कार फैक्टरियों में से एक है। ईरान कनाडा पर क्यों भड़का इस पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कनाडा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कनाडा पर 'रणनीतिक भ्रम' में रहने और अमेरिका-इस्राइल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने का आरोप लगाया। यह बयान कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में ईरान की 'अस्थिरता पैदा करने वाली कथित गतिविधियों' की निंदा की थी। कनाडा पर ईरान ने क्या आरोप लगाया बघाई ने कहा कि कनाडा ने तनाव कम करने की अपील करने के बजाय 'अपने दबंग पड़ोसी को खुश करने' का रास्ता चुना है। उन्होंने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन करने के लिए कनाडा की आलोचना की। बघाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कनाडा खुद को शांति और सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक नहीं बता सकता, जबकि वह अमेरिका की सैन्य आक्रामकता और हमारे क्षेत्र में वॉशिंगटन की गैरकानूनी, दखल देने वाली कार्रवाइयों का समर्थन कर रहा है। कनाडा की कूटनीति पर क्या सवाल उठाए बघाई ने कनाडा की विदेश नीति और उसके फैसलों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कनाडा के नेता फारस की खाड़ी की स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, अगर मुद्दा सच में नौवहन की स्वतंत्रता का है, तो कनाडा अमेरिकी सैन्य आक्रामकता और आर्थिक दबाव का समर्थन क्यों कर रहा है ये भी पढ़ें:लेबनान में इस्राइली हमले में 12 की मौत:हूती लड़ाकों का दावा- सऊदी विमान गिराया; प. एशिया में क्या हैं हालात उन्होंने कहा कि कनाडा खुद अमेरिका की 'बदनीयती' का अनुभव कर चुका है। उसे पता है कि अमेरिका के हस्ताक्षर 'पेंसिल से लिखे होते हैं'। बघाई ने कहा, यह न तो कूटनीति है और न ही जिम्मेदार तरीके से देश चलाना। उन्होंने इसे 'रणनीतिक भ्रम और दबाव के आगे झुकने' का प्रदर्शन बताया। बघाई ने दावा किया कि इस फैसले से कनाडा खुद भी अमेरिका के दबाव और आक्रामकता से सुरक्षित नहीं रहेगा। होर्मुज को लेकर ईरान ने क्या कहा बघाई ने इस आरोप को भी खारिज किया कि अहम व्यापारिक समुद्री रास्तों में रुकावट ईरान ने शुरू की थी। उन्होंने कहा, कनाडा अच्छी तरह जानता है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल ने ईरान के खिलाफ आक्रामक युद्ध शुरू करने से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य खुला और सुरक्षित था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 08, 2026, 06:18 IST
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