लखनऊ: श्रद्धा पर भारी पड़ रही है जेल की जिंदगी, बंदियों से पूछती है रिहाई के तरीके; फर्श पर सोने में दिक्कत
जेल की दिनचर्या और बैरक का माहौल श्रद्धा के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है। रात के सन्नाटे में उसकी नींद टूट रही है। मंगलवार देर रात नींद खुलने के बाद वह काफी देर तक बैठी रही। इसके बाद बैरक में टहलकर समय बिताया। बुधवार सुबह बैरक खुलने पर वह अपनी बहन के साथ टहलती नजर आई। जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा को जेल के नियमों के अनुसार सोने-जागने और भोजन की व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने में परेशानी हो रही है। मच्छरों के बीच रात गुजारने के बाद सुबह छह बजे गिनती के लिए उठना पड़ता है। कंबल और फर्श पर बिछे बिस्तर पर सोने से भी उसे दिक्कत हो रही है। उधर, श्रद्धा को अपने परिजनों से मुलाकात का इंतजार है। जेल प्रशासन को नाम देने के बावजूद अब तक कोई परिजन उससे मिलने नहीं पहुंचा। उसकी बहन रश्मि ज्यादातर गुमसुम नजर आती है, हालांकि दोनों बहनों के बीच बातचीत होती है। बीते सात दिनों में तीन वकीलों ने एक बार ही उनसे मुलाकात की। इसके अलावा कोई करीबी उससे मिलने नहीं आया। हालांकि पुलिस सत्यापन न होने से मुलाक़ात पर जेल प्रशासन ने रोक लगा रखी है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 29, 2026, 04:38 IST
लखनऊ: श्रद्धा पर भारी पड़ रही है जेल की जिंदगी, बंदियों से पूछती है रिहाई के तरीके; फर्श पर सोने में दिक्कत #CityStates #Lucknow #UttarPradesh #ShraddhaDubeyInJail #ShraddhaDubeyCase #WhyShraddhaDubeyWentToJail #SubahSamachar
