Munich Protest: युवराज पहलवी की अपील पर म्यूनिख में जुटे 2.5 लाख लोग, ईरान पर बढ़ रहा चौतरफा दबाव

जर्मनी के म्यूनिख शहर में चल रहे सुरक्षा सम्मेलन के दौरान ईरान की सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन हुआ। पुलिस के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन में करीब 2,50,000 लोग शामिल हुए। यह रैली ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की उस अपील का नतीजा थी, जिसमें उन्होंने तेहरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों नेनारे लगाकर किया विरोध प्रदर्शन म्यूनिख की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने ढोल बजाकर और सरकार बदलने के नारे लगाकर विरोध किया। यह प्रदर्शन पहलवी के 'ग्लोबल डे ऑफ एक्शन' का हिस्सा था, जिसका मकसद ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाना है। ऐसी ही रैलियों की अपील लॉस एंजिल्स और टोरंटो में भी की गई थी। प्रदर्शन में लोग 1979 की क्रांति से पहले वाले ईरान के झंडे लहरा रहे थे, जिन पर शेर और सूरज के निशान बने थे। ये भी पढ़ें:Iran-US Row:क्या खामेनेई से सुलह करना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति रुबियो बोले- मुलाकात को तैयार हैं ट्रंप क्या बोलेरेजा पहलवी एक मीडिया वार्ता में रेजा पहलवी ने चेतावनी दी कि अगर दुनिया के लोकतांत्रिक देश ईरान में हो रहे दमन पर चुप रहे, तो वहां और भी मौतें होंगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस खतरे के समय में दुनिया ईरान के लोगों के साथ खड़ी होगी उन्होंने कहा कि अगर ईरानी सरकार टिकी रहती है, तो यह दुनिया के हर तानाशाह को संदेश देगा कि लोगों को मारकर सत्ता बचाई जा सकती है। इस रैली में एक खास बात यह रही कि कई प्रदर्शनकारियों ने 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' लिखी हुई लाल टोपियां पहनी थीं। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'मागा' (MAGA) टोपी की तरह थी। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी इस रैली को संबोधित किया और वे भी यह टोपी हाथ में लिए नजर आए। साइप्रस के निकोसिया में भी हुआ विरोध प्रदर्शन प्रदर्शनकारियों ने पहलवी को अपना राजा बताते हुए उनके समर्थन में नारे लगाए। ईरान के हटाए गए शाह का बेटा लगभग 50 साल से देश निकाला में है, लेकिन वह ईरान के भविष्य में खुद को एक खिलाड़ी के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है। वहीं साइप्रस के निकोसिया में भी करीब 500 लोगों ने ईरानी सरकार के खिलाफ रैली निकाली। ये भी पढ़ें:China:चीन का बड़ा कदम, 53 अफ्रीकी देशों पर मई 2026 से किया जीरो टैरिफ; जानें क्यों लिया ये फैसला प्रदर्शनकारियों ने जताई चिंता ईरान के भीतर के हालात पर चिंता जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वहां इंटरनेट बंद है और लोगों की आवाज बाहर नहीं आ पा रही है। मानवाधिकार संस्थाओं के अनुसार, पिछले महीने ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 7,005 लोग मारे गए हैं, जिनमें 214 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। हालांकि, ईरान सरकार ने मरने वालों की संख्या केवल 3,117 बताई है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है और मिलिट्री एक्शन की धमकी दी है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान में सरकार का बदलना सबसे अच्छा विकल्प होगा। अन्य वीडियो-

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 15, 2026, 07:03 IST
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