चिंताजनक: 2024 में महिलाओं के अधिकारों पर गहरा संकट, हर 10 मिनट में एक महिला की हत्या
वर्ष 2024 में दुनिया के लगभग एक चौथाई देशों में महिलाओं के अधिकारों पर संकट और गहरा गया है। इसके साथ ही लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले प्रयासों पर भी दबाव बढ़ा है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में हुई प्रगति के बावजूद अब तक केवल 87 देशों में ही किसी महिला ने शासन किया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर 10 मिनट में एक महिला या लड़की अपने ही परिवार के किसी सदस्य या साथी के हाथों मारी जाती है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट वीमेन राइट्स इन रिव्यू: 30 ईयर्स आफ्टर बीजिंग में यह चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में महिलाओं और बच्चियों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं, भेदभाव बढ़ रहा है और कानूनी सुरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ रही है। साथ ही महिलाओं के समर्थन और सुरक्षा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है। महिला सशक्तीकरण में कुछ ही देश सफल संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में केवल एक फीसदी महिलाएं ऐसे देशों में रहती हैं, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता दोनों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अधिकांश देशों में महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य पर पुरुषों की तुलना में कम निवेश किया जाता है। रोजगार के अवसर भी सीमित हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 07, 2025, 07:43 IST
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