गोरक्षनगरी का दर्द: मोहद्दीपुर में गर्डर-खंभों की आड़, आधी सड़क तक कब्जा- जाम लगेगा ही- घंटों पड़ता है जूझना
कुनराघाट से आ रहे मुख्य मार्ग पर नहर रोड से लेकर मोहद्दीपुर चौराहे तक जो लोहे के गर्डर छोड़े गए हैं, प्रशासन का दावा है कि वे बिजली के तार व गैस पाइप लाहन से होने वाले हादसे रोकने के लिए हैं। जबकि, हकीकत यह है कि सड़क निर्माण के दौरान अफसरों की कृपा से बिजली के तार व गैस पाइप लाइन की डक्ट को करीब 15 फिट जमीन पीछे छोड़ते हुए पिच रोड से सटाकर बना दिया गया। इस पर लगे ढक्कन भी कमजोर हैं। इन दोनों गड़बड़ियों की रक्षा के लिए ये छोड़े गए लोहे की गर्डर ही ढाल है। इसलिए न तो गर्डर हटाए जा रहे हैं और न ही लोगों को जाम से मुक्ति मिल पा रही है। शहर का दायरा बढ़ने के साथ-साथ आवागमन को सामान्य बनाने के लिए मुख्य मार्गों समेत मोहल्लों की सड़कें भी चौड़ी की जा रही हैं। इसके लिए जरूरी होने पर पक्के मकान भी तोड़े जा रहे हैं। विश्वविद्यालय से मोहद्दीपुर- कुनराघाट होते हुए कुशीनगर और देवरिया जाने वाले पुराने हाईवे को भी फोरलेन बनाया जा चुका है। लेकिन इस सड़क और मोहद्दीपुर चौराहे का जाम खत्म नहीं हो रहा है। जाम खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर ताल रिंग रोड का भी निर्माण कराया गया है। इससे जाम में कुछ कमी तो आई है, लेकिन समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं हुई। मोहल्ले वालों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान ही फुटपाथ नहीं छोड़ने से दिक्कत आई। यहां रहने वाले शिवेंद्र तिवारी ने बताया कि जब सड़क को फोरलेन बनाया गया तो उस वक्त नाला व डक्ट का भी निर्माण कराया गया था। कुनराघाट से मोहद्दीपुर वाली लेन में नहर रोड से आगे जो डक्ट बनाया गया है, वह डामर वाली मुख्य सड़क के नजदीक है। इसमें ही बिजली के केबिल डाले गए हैं और गैस पाइप लाइन भी इसमें से ही होकर जाएगी। इस डक्ट को ढकने के लिए जो सीमेंट की स्लैब डाली गई है, वह काफी कमजोर है। राजेश श्रीवास्तव बताते हैं कि पेट्रोल पंप से लेकर मुख्य चौराहे तक डक्ट व सड़क के बीच गैप ही नहीं है। डॅक्ट का स्लैब ऐसा है कि एक बार ट्रक चढ़ने पर वह टूट चुका है। ऐसे में मुख्य सड़क पर ही फुटपाथ वाले भी चलते हैं। इस पर दुश्वारी यह है कि पिच रोड में से ही बाईं लेन के लिए भी डिवाइडर लग दिया है। इससे मुख्य सड़क ही संकरी हो गई है। बैठक में नहीं खोजा समाधान, बताई मजबूरी शहर में जाम से निजात के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडीजी की अध्यक्षता में नगर निगम, जीडीए, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस, बिजली समेत कई विभागों के जिला स्तरीय अफसरों की बैठक हुई। उस बैठक में यह मुद्दा उठा तो पीडब्ल्यूडी और बिजली निगम के अफसरों ने यह कहकर मामले को उलझा दिया कि अगर लोहे के गर्डर हटाए गए तो भारी वाहन डक्ट पर भी चलने लगेंगे। इससे हादसे का खतरा बना रहेगा। लेकिन मीटिंग में अफसरों ने यह नहीं बताया कि डक्ट व नाले के बाद जो करीब 15 फिट जगह छोड़ी गई है, उसका क्या उपयोग होगा। नाला व डक्ट सड़क के अंतिम छोर के बजाय फुटपाथ वाली जगह पर क्यों बनी, इस पर भी चर्चा नहीं की गई। इस समस्या के समाधान का क्या विकल्प हो सकता है, इस पर भी चर्चा नहीं हुई। अंतर विभागीय समन्वय के लिए हुई बैठक में इस पर चर्चा के दौरान संबंधित विभागों ने यही बताया कि अगर डक्ट के आगे से लोहे का गर्डर हटाया गया तो गैस पाइप लाइन व बिजली के तारों की वजह से हादसा हो सकता है। यह सही है कि अगर बाईं लेन के लिए पर्याप्त जगह होती तो मुख्य लेन खाली रहती, जिससे कि जाम नहीं लगता: संजय कुमार, एसपी यातायात मोहद्दीपुर में अतिक्रमण व जाम की समस्या के समाधान के लिए जल्द ही संबंधित सभी विभागों की एक समन्वय बैठक बुलाकर उसमें चर्चा होगी। इस समस्या का क्या स्थायी हल निकल सकता है, इस पर भी निर्णय लिया जाएगा: कृष्णा करुणेश, डीएम
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 31, 2025, 14:39 IST
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