हिसार के गांव धान्सू स्थित राधा-कृष्ण गोशाला में आयोजित की जा रही गोकथा

गांव धान्सू स्थित राधा-कृष्ण गोशाला में गोकथा में छठे दिन संत बलदेवानंद शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कहा कि हम सबको परिवार में प्रेम से रहना चाहिए क्योंकि आपसी प्रेम और भाईचारे से बड़ा कुछ भी नहीं है। अगर परिवार में प्रेम रहेगा तो परमात्मा का भी आशीर्वाद आप पर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य को समय निकालकर सत्संग अवश्य सुनना चाहिए। गोसेवा करने से सभी देवों का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रीराम के लिए भरत ने अपन सबकुछ त्याग दिया था, उसी प्रकार हमें भी किसी से छल-कपट नहीं करना चाहिए। मनुष्य जब धरती से जाएगा तो साथ में कुछ भी नहीं जाएगा।गऊ महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गोमूत्र के सेवन से हमारे शरीर के रोग कटते हैं। जिस घर के आंगन में गोगोबर का लेप होता है वहाँ नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण एवं श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान ने भी गाय चराई थी। गोसेवा करने से सभी देवी-देवता प्रसन्न होते है क्योंकि गोमाता में तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का वास है। हर मनुष्य को अपनी नेक कमाई में से गौमाता के लिए दान देना चाहिए ताकि गऊ भूखी-प्यासी न रहे। कथा के छठे दिन दौरान शास्त्री ने मधुर भजन सुनाए, जिन पर मंत्रमुग्ध होकर श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान संगीत पर तेजपाल सिंवर और दिनेश बावरा ने साथ दिया। गोशाला के प्रधान वैद प्रकाश बैनिवाल ने बताया कि रविवार सुबह 8 बजे हवन होगा। इसके बाद भंडारे के साथ साप्ताहिक कथा का समापन होगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 28, 2026, 15:18 IST
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