राम के वनगमन की कथा सुन भावुक हुए श्रद्धालु, VIDEO
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के बिच्छी गांव स्थिति महादेव मंदिर परिसर में श्रीराम कथा में मंगलवार को श्रीराम वनगमन प्रसंग सुनाया गया।कथा वाचक गौरव महाराज ने राम के वनगमन प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। राम के वनगमन की कथा सुनकर स्रोता भावुक हो गए। उन्होंने इस प्रसंग से जुड़ी जीवनोपयोगी शिक्षाओं पर भी प्रकाश डाला। बताया कि भगवान राम अयोध्या की प्रजा के अत्यंत प्रिय थे और उनके राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थीं। हालांकि, कैकेयी की दासी मंथरा के षड्यंत्र के कारण परिस्थितियां बदल गईं। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वचन मांगे, जिसके परिणामस्वरूप राम, लक्ष्मण और सीता को चौदह वर्षों के लिए वनवास जाना पड़ा।प्रवचन के दौरान गौरांगी गौरी ने कहा कि आज के समय में सास-बहू का रिश्ता अक्सर नाजुक हो जाता है। इसके विपरीत, भगवान राम ने अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनगमन स्वीकार किया। यह प्रसंग पारिवारिक मर्यादा और संबंधों की महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने संदेश दिया कि यदि सास बहू को बेटी और बहू सास को मां समझे तो परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है। राम के वनगमन के भावपूर्ण वर्णन को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के माध्यम से मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक मूल्यों का संदेश दिया गया। इस मौके पर प्रसिद्धनाथ शुक्ला, विजय गिरि, भुनेश्वर सिंह, यज्ञ प्रसाद विश्वकर्मा, सोमारु विश्वकर्मा, रमेश यादव, रामनारायण गुप्ता, केदारनाथ मौर्य उपस्थित रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 25, 2026, 21:01 IST
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