अरावली की पहाड़ियों में वर्षों से प्रदूषण का कारण बनी फ्लाई ऐश (कोयले की राख) के विशाल ढेर को अब हरियाली में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।
अरावली की पहाड़ियों में वर्षों से प्रदूषण का कारण बनी फ्लाई ऐश (कोयले की राख) के विशाल ढेर को अब हरियाली में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग 150 एकड़ में फैले फ्लाई ऐश डंपिंग ग्राउंड पर वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण का प्रयोग करेगा। योजना के तहत पहले चरण में 50 एकड़ क्षेत्र में करीब पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसे पूरे क्षेत्र में लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य अरावली के पर्यावरणीय संतुलन को बहाल करना और प्रदूषण कम करना है। यह 150 एकड़ भूमि हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन (एचपीजीसीएल) की है। जब यहां थर्मल पावर प्लांट संचालित था, तब कोयला जलने के बाद निकलने वाली फ्लाई ऐश को पाइपलाइन के माध्यम से इस क्षेत्र में डंप किया जाता था। वर्षों में यहां राख का विशाल ढेर बन गया, जिससे आसपास के गांवों और रिहायशी क्षेत्रों में धूल उड़ने, सांस संबंधी बीमारियों, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ने लगीं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 08, 2026, 17:31 IST
अरावली की पहाड़ियों में वर्षों से प्रदूषण का कारण बनी फ्लाई ऐश (कोयले की राख) के विशाल ढेर को अब हरियाली में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। #SubahSamachar
