अध्ययन की चेतावनी: जिस तरफ कभी नहीं गया ध्यान, उससे भी बढ़ रहा लोगों में गले-सिर के कैंसर का खतरा

कैंसर के बढ़ते मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। हर साल इससे लाखों लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ोंकेअनुसार, दुनियाभर में हर साल कैंसर के कारण लगभग 10 मिलियन (एक करोड़) मौतें होती हैं, यानी हर छह मौतों में से लगभग एक मौत के पीछे यही जानलेवा बीमारी कारण हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के अलावाआनुवांशिक स्थितियों को कैंसर का सबसे बड़ा कारण मानते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि कई और स्थितियां भी ऐसी हैं जो इस बीमारी के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हर साल दुनियाभर के जंगलों में लगने वाली आग को भी कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला पाया है। जंगलों में लगने वाली आग का खतरा सिर्फ पेड़ों, वन्यजीवों और घरों के जलने तक सीमित नहीं है। इससे निकलने वाला धुआं इंसानी सेहत पर भी लंबे समय तक असर डाल सकता है। अध्ययन में आशंका जताई गई है कि जंगलों की आग से होने वाला वायु प्रदूषण सिर और गर्दन के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। आइए जान लेते हैं कि जंगल की आग से क्या खतरे हो सकते हैं और इससे कैंसर का क्या लिंक पाया गया है

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 26, 2026, 12:38 IST
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