अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भैरवगढ़ जेल में 1000 बंदियों ने किया योग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा दावा

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में रविवार को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं योग गुरु कृष्णा गुरुजी के सानिध्य में विशाल योग सत्र का आयोजन किया गया। आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 1000 पुरुष एवं महिला बंदियों ने भाग लिया और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। जेल प्रशासन द्वारा कार्यक्रम से संबंधित दस्तावेज एवं आवश्यक प्रमाण "लार्जेस्ट योगा सेशन ऑफ प्रिजनर्स" श्रेणी में इंटरनेशनल योगा बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को भेजे गए हैं। रिकॉर्ड दर्ज होने की प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय संबंधित संस्थाओं द्वारा लिया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ योग प्रार्थना के साथ हुआ। इस अवसर पर कृष्णा गुरुजी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग आज विश्वभर में करोड़ों लोगों तक पहुंच चुका है। योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। उन्होंने अष्टांग योग का उल्लेख करते हुए कहा कि यम और नियम व्यक्ति के आचरण को शुद्ध करते हैं, आसन शरीर को सशक्त बनाते हैं, प्राणायाम मन को शांत करता है, जबकि धारणा और ध्यान आत्मा से जोड़ते हैं तथा समाधि परमात्मा की अनुभूति का मार्ग प्रशस्त करती है। बंदियों को संबोधित करते हुए कृष्णा गुरुजी ने कहा कि आप अपनी श्वास से श्वास चलाने वाले तक पहुंच सकते हैं। पढ़ें:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जबलपुर में किया योग, CM मोहन यादव भी रहे मौजूद; तस्वीरें योग सत्र के दौरान आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति तथा अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसके बाद आयोजित ध्यान सत्र में सभी बंदी एकाग्रचित्त होकर शामिल हुए। पूरे जेल परिसर में शांति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। कृष्णा गुरुजी ने कहा कि योग को केवल आसनों और प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। वर्ष में केवल एक दिन योग करने से योग विद्या का उद्देश्य पूरा नहीं होता। उन्होंने सभी बंदियों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "एक दिन आप जेल से तो छूट जाएंगे, लेकिन यदि क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और नकारात्मक सोच की कैद से मुक्त होना है तो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा।" कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, साक्षरता और योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 30 से अधिक बंदियों को विघ्नहर्ता अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वहीं 10 से अधिक बंदियों के उन बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पुरस्कार उनके पिता के माध्यम से प्रदान किए गए। बंदियों ने साझा किए अनुभव एक बंदी ने कहा कि भैरवगढ़ केंद्रीय जेल प्रशासन समय-समय पर योग एवं व्यक्तित्व विकास के कार्यक्रम आयोजित करता है, जिससे आत्मसुधार और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। वहीं दूसरे बंदी ने कहा कि कृष्णा गुरुजी की यह बात उनके मन को छू गई कि शरीर की कैद से तो एक दिन मुक्ति मिल सकती है, लेकिन क्रोध, लोभ और नकारात्मक सोच की कैद से मुक्त होने के लिए योग को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मनोज साहू, डिप्टी जेलर सुरेश गोयल, कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसायटी के राकेश बजाज, भारती मंडलोई, नितेश पटेल, पिंकू यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी बंदियों ने नियमित योगाभ्यास करने और योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सभी बंदियों को मिष्ठान वितरण भी किया गया। कृष्णा गुरुजी ने कहा, "योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वयं से जोड़ने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का मार्ग है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 21, 2026, 06:52 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भैरवगढ़ जेल में 1000 बंदियों ने किया योग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा दावा #CityStates #MadhyaPradesh #Ujjain #BhairavgarhJail #InternationalYogaDay #KrishnaGuruji #YogaSession #000Inmates #GuinnessWorldRecord #YogaDay2026 #SubahSamachar