Chandipura Alert: चांदीपुरा वायरस का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों में, जानिए संक्रमण हो जाए तो तुरंत क्या करें?

पिछले कुछ महीनों में देश के कई राज्यों में चांदीपुरा वायरस के संक्रमण की खबरों ने हड़कंप मचाया हुआ है। हाल ही में गुजरात में चांदीपुरा संक्रमण से करीब 22 बच्चों की मौतने एक बार फिर लोगों को अलर्ट कर दिया है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने जुलाई के आखिरी हफ्तों में राजस्थान के डूंगरपुर और सिरोही जिले बच्चों की मौत की जानकारी दी थी। इससे पहले जुलाई के शुरुआती दिनों में भीगुजरात मेंसंक्रमण के मामले और तीन बच्चों की मौत की खबरें सामने आई थीं। गौरतलब है कि चांदीपुरा कोई नया वायरस नहीं है, इसकी पहचान पहली बार 1965 में महाराष्ट्र में हुई थी। गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पश्चिमी व मध्य भारत के कई राज्यों में समय-समय पर इसके मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित सैंडफ्लाई (मक्खी) के काटने से फैलता है। बारिश के मौसम में अधिक नमी और गंदगी के कारण सैंडफ्लाई के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी वजह से मानसून के दिनों में इस संक्रमण के मामले काफी ज्यादा देखे जाते रहे हैं। आइए जानते हैं कि अगर किसी को चांदीपुरा का संक्रमण हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 07, 2026, 14:23 IST
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