चारधाम यात्रा: महज 17 दिन शेष, हाईवे पर खतरा, अस्पताल बेबस और सुविधाएं लापता, पढ़ें अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट

ऋषिकेश से देवप्रयाग की दूरी करीब 75 किमी है। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब महज 17 दिन शेष हैं लेकिन तैयारियों के दावे जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। ऋषिकेश से देवप्रयाग तक बदरीनाथ हाईवे पर 31 भूस्खलन जोन सक्रिय हैं, जिनका ट्रीटमेंट कार्य अब भी अधूरा है। कई स्थानों पर मलबा सड़कों के किनारे जमा है और विभाग खुद मान रहा है कि काम दिसंबर तक चलेगा। वहीं हाईवे पर स्वास्थ्य, पेयजल और सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। ऋषिकेश से कौड़ियाला ऋषिकेश से कौड़ियाला की दूरी करीब 35 किमी, इस दायरे में तीन स्थानों पर भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट कार्य जारी है। सभी स्थानों पर 100 से 200 मीटर तक सड़क के दोनों ओर मलबा बिखरा हुआ है। विभाग 10 दिनों के भीतर मलबा साफ करने का दावा कर रहा है लेकिन धरातल पर जो स्थिति है उससे स्पष्ट है कि मलबा साफ करना विभाग के लिए कड़ी चुनौती है। तपोवन, नीरगड़्डू, शिवपुरी, गूलर, ब्यासी और कौड़ियाला प्रमुख पड़ाव हैं। इन सभी प्रमुख पड़ावों में पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। देवप्रयाग से पहले कोई स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है। कौड़ियाला से 20 किमी अंदर लिंक मार्ग से जुड़े पावकी देवी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध है लेकिन यहां चिकित्सक सहित अन्य सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 02, 2026, 12:48 IST
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