क्या जंग की तैयारी कर रहे किम जोंग?: समुद्र की ओर दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, दक्षिण कोरिया की सेना अलर्ट

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मिसाइलें पूर्वी तटीय शहर वॉनसन से छोड़ी गईं। इस घटना के बाद दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका तथा जापान के साथ जानकारी साझा की जा रही है। कुछ दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने सीमा पर लाउडस्पीकर से प्रचार दोबारा शुरू करने और नए हथियार तैनात करने की चेतावनी दी थी। सीमा पर बढ़ती तनातनी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की एक बड़ी वजह सीमा पर हुई बारूदी सुरंगों की घटनाएं भी हैं। पिछले महीने हुए विस्फोटों में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। दक्षिण कोरिया ने आरोप लगाया कि उत्तर कोरिया ने सैन्य सीमा रेखा के दक्षिण में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं। सियोल के मुताबिक, 21 सितंबर को हुए विस्फोट इन्हीं सुरंगों की वजह से हुए। हालांकि, उत्तर कोरिया ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि अगर उसे उकसाया गया, तो वह इसका जवाब देगा। लाउडस्पीकर से प्रचार शुरू करने की चेतावनी पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह सीमा पर लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार फिर शुरू करेगा। साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में नए हथियार तैनात करने की बात भी कही गई थी। उत्तर कोरिया ने यह कदम दक्षिण कोरियाई सैनिकों की ओर से सीमा के पास बार-बार चेतावनी के तौर पर गोली चलाए जाने के विरोध में उठाने की बात कही। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया ने किसी भी गलतफहमी या अचानक होने वाली सैन्य झड़प को रोकने के लिए बातचीत का प्रस्ताव दिया, लेकिन उत्तर कोरिया ने अब तक इसका जवाब नहीं दिया है। लगातार हथियारों का परीक्षण कर रहा उत्तर कोरिया गुरुवार को मिसाइलें दागने की घटना उत्तर कोरिया के हालिया हथियार परीक्षणों की कड़ी का हिस्सा है। बीते कुछ हफ्तों में उसने पनडुब्बी से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों और हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परीक्षणों के जरिए उत्तर कोरिया अमेरिका पर दबाव बनाना चाहता है, ताकि बातचीत के दौरान उसे ज्यादा रियायतें मिल सकें। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी किम जोंग उन के साथ फिर से कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। चीन के साथ रिश्ते मजबूत करने में जुटे किम इसी बीच, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने चीन के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। शनिवार को उन्होंने चीन के सीमावर्ती शहर डंडोंग का दौरा किया। वह एक नए बने पुल के रास्ते वहां पहुंचे और कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया की मदद करने वाले चीन की भूमिका की याद में बने स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। 2011 के अंत में सत्ता संभालने के बाद किम का यह चीन का छठा दौरा था। इस दौरान उन्होंने चीन के साथ अपनी दोस्ती को अटूट बताते हुए रिश्ते और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग से भी मुलाकात की। दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने का संकल्प दोहराया। ये भी पढ़ें:फिलीपींस में गूंजा ऑपरेशन सिंदूर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक- आतंकवाद को जड़ से मिटाना हमारा संकल्प रूस के बाद चीन पर भी ध्यान यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद के लिए सैनिक और गोला-बारूद भेजने के बाद उत्तर कोरिया ने अब चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने पर भी ध्यान बढ़ाया है। चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सबसे अहम सहयोगी रहा है और उसे आर्थिक मदद भी देता है। ऐसे में मिसाइल परीक्षणों, सीमा पर बढ़ती तनातनी और चीन के साथ किम की नजदीकी को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 29, 2026, 08:51 IST
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